पश्चिम बंगाल: BJP विधायक तन्मय घोष टीएमसी में शामिल, कहा- भाजपा प्रतिशोध की राजनीति करती है
कोलकाता, अगस्त 30। पश्चिम बंगाल में कई ऐसे नेता टीएमसी में दोबारा वापसी कर रहे हैं, जिन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान टीएमसी छोड़ कांग्रेस या बीजेपी ज्वॉइन कर ली थी। सोमवार को ऐसे ही एक विधायक तन्मय घोष ने बीजेपी छोड़ टीएमसी का फिर से दामन थाम लिया। आपको बता दें कि विष्णुपुर सीट से विधायक तन्मय घोष चुनाव से पहले टीएमसी छोड़ बीजेपी शामिल हुए थे।
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प्रतिशोध की राजनीति करती है बीजेपी- तन्मय घोष
टीएमसी में वापसी करने के बाद उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, "भाजपा प्रतिशोध की राजनीति करती है। बीजेपी केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर पश्चिम बंगाल के लोगों का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। मैं सभी नेताओं से अपील करता हूं कि बंगाल की जनता के कल्याण के लिए ममत बनर्जी का समर्थन करें। आपको बता दें कि तन्मय घोष को टीएमसी नेता ब्रात्य बसु ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।

त्रिपुरा में आएगी टीएमसी की सुनामी- ब्रात्य बसु
इस दौरान टीएमसी नेता ब्रात्य बसु ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा दिल्ली और गुजरात से बंगाल को कंट्रोल करना चाहती है, लेकिन यहां के लोग ऐसा नहीं होने दे रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा बस राज्य में टीएमसी को बदनाम करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के अंदर प्रतिवाद का शोर उठना चाहिए, अभी तन्मय घोष ने ऐसा किया है, लेकिन ये सिलसिला जारी रहेगा। ब्रात्य बसु ने इस दौरान त्रिपुरा को लेकर भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब ममता बनर्जी त्रिपुरा जाएंगी तो वहां भी सुनामी आएगी और बीजेपी उसमें बह जाएगी।

रविवार को शिखा मित्रा की भी टीएमसी में हुई थी वापसी
आपको बता दें कि इससे पहले रविवार को बंगाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत सोमेन मित्रा की पत्नी शिखा मित्रा ने भी टीएमसी में वापसी की थी। उन्होंने कई सीनियर नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली थी। आपको बता दें कि उन्होंने 2014 में टीएमसी के विधायक के रूप में इस्तीफा दे दिया था। शिखा मित्रा के पति सौमेन मित्रा भी टीएमसी के सांसद रह चुके थे, लेकिन बाद में उन्होंने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली थी, जिसके बाद उन्हें प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया था।












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