क्या है 'टीम-80', जिसके जरिए BJP ने भवानीपुर में ममता के खिलाफ रचा 'चक्रव्यूह'
नंदीग्राम के बाद भवानीपुर सीट पर भी भाजपा ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर देने के मूड में है
कोलकाता, 27 सितंबर: पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। भवानीपुर सीट पर 30 सितंबर को वोट डाले जाएंगे, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने भाजपा ने अपनी युवा नेता प्रियंका टिबरेवाल को मैदान में उतारा है। पश्चिम बंगाल में हालांकि चक्रवाती तूफान को लेकर मौसम विभाग की तरफ से अलर्ट भी जारी किया गया है, लेकिन इसके बावजूद भवानीपुर सीट पर सियासी घमासान में कोई कमी नहीं दिख रही है। प्रचार के आखिरी दिन भाजपा की तरफ से करीब 80 नेताओं की एक टीम प्रियंका टिबेरवाल के समर्थन में भवानीपुर की सड़कों पर उतरने वाली है।
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ममता को चुनौती देने के लिए BJP ने बनाई खास रणनीति
भाजपा और टीएमसी नेताओं के मुताबिक, आठ नगर निकाय वार्ड वाली भवानीपुर विधानसभा सीट पर कुल 206,389 मतदाता हैं, जिनमें से 20 फीसदी से ज्यादा मुसलमान और करीब 34 फीसदी आबादी सिख और गैर-बंगाली भाषी हिंदुओ की है। भाजपा ने इस सीट पर ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती देने के लिए एक खास रणनीति बनाई है, जिसके तहत चुनाव प्रचार के आखिरी दिन हर निकाय वार्ड में पार्टी के 10-10 नेताओं की एक टीम चुनाव प्रचार के लिए जाएगी। 80 नेताओं की ये टीम भवानीपुर में अलग-अलग 80 जगहों पर लोगों से प्रियंका टिबरेवाल के समर्थन में वोट डालने की अपील करेगी।

BJP की टीम-80 में कौन कौन शामिल
प्रियंका टिबरेवाल के चुनाव प्रचार के लिए 80 नेताओं की जो टीम बनाई गई है, उसमें सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा, लोकसभा सांसद अर्जुन सिंह और भाजपा के महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अग्निमित्र पॉल भी शामिल हैं। चुनाव प्रचार के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष शाम को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के लिए दिल्ली रवाना होंगे और उन्हें पूरी रिपोर्ट सौंपेंगे।

भाजपा और टीएमसी के बीच सीधा मुकाबला
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रताप बनर्जी ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि भवानीपुर के मतदाताओं को यह एहसास दिलाया जाएगा कि पश्चिम बंगाल का सम्मान फिर से वापस पाना उनकी जिम्मेदारी है। आपको बता दें कि इस बार विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से चुनाव मैदान में उतरी थीं, जहां उन्हें टीएमसी छोड़कर भाजपा में गए सुवेंदु अधिकारी के सामने हार मिली। इसके बाद अब ममता बनर्जी भवानीपुर से एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है और सीधा मुकाबला भाजपा और टीएमसी के बीच है।
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