WB: बाबुल सुप्रियो ने ली बालीगंज के विधायक के रूप में शपथ लेकिन नहीं माने धनखड़
कोलकाता, 12 मई। आखिरकार तृणमूल कांग्रेस नेता बाबुल सुप्रियो ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के विधायक के तौर पर शपथ ले ली। उन्हें उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी ने शपथ दिलाई। आपको बता दें कि भाजपा छोड़कर TMC में शामिल हुए बाबुल सुप्रियो अप्रैल में हुए उपचुनाव में बालीगंज विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शपथ दिलाने के लिए विधानसभा के उपाध्यक्ष को नामित किया था, उनके इस फैसले को लेकर काफी विरोध जताया जा रहा था लेकिन धनखड़ ने कहा था कि वो किसी भी सूरत में अपना फैसला नहीं बदलेंगे और ना ही उन्होंने बदला। फिलहाल ये विवाद बाबुल सुप्रियो के शपथ लेते ही समाप्त हो गया।
धनखड़ ने नहीं सुनी सुप्रियो की बात
दरअसल आमतौर पर विधानसभा के नए सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए राज्यपाल अध्यक्ष को नामित करते हैं लेकिन धनखड़ ने इस बार उपाध्यक्ष को नामित किया था, जिस पर बाबुल सुप्रियो ने उनसे अध्यक्ष से ही शपथ दिलवाने की मांग की थी लेकिन धनखड़ ने उनकी बात नहीं सुनी।
माकपा की सायरा शाह हलीम को हराया
आपको बता दें कि बालीगंज विधानसभा उपचुनाव में बाबुल सुप्रियो ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी माकपा की सायरा शाह हलीम को 19,904 मतों के अंतर से हराया था। यह सीट टीएमसी के मंत्री सुब्रत मुखर्जी के निधन के बाद रिक्त हुई थी और जब बीजेपी छोड़कर टीएमएसी में आए बाबुल सुप्रियो को सीएम ममता ने यहां से उम्मीदवार बनाया तो हर कोई हैरान रह गया था लेकिन उनका फैसला सही साबित हुआ और टीएमएसी के टिकट पर सुप्रियो यहां से विधायक चुन लिए गए। ऐसे कयास हैं कि अब वह ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं।
यह मां, माटी, मानुष की जीत है: सुप्रियो
फिलहाल अपनी जीत पर बाबुल सुप्रिया ने कहा था कि 'यह मां, माटी, मानुष की जीत है, जनता ममता बनर्जी के नेतृत्व को पसंद करती है, उनकी अगुवाई में राज्य में अच्छी चीजें हो रही हैं और मुझे लगता है आगे भी बंगाल इसी तरह से आगे बढ़ता रहेगा। मेरा पूरा फोकस बंगाल के विकास पर है और मैं लगातार इसके लिए प्रयास करता रहूंगा। मुझ पर जनता ने भरोसा किया, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।'












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