वाराणसी: डकैत वीरेंद्र पुलिस मुठभेड़ में हुआ घायल, गोरखरपुर से मऊ तक था उसका खौफ
वाराणसी। खबर उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से है। यहां एसटीएफ और पुलिस की 50 हजार रुपए के इनामिया डकैत वीरेंद्र के साथ मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लग गई, जिसकी वजह से वो घायल हो गए। पुलिस घायल बदमाश को जल्दी ही मंडलीय अस्पताल लेकर आ गई। जहां से उसे प्राथमिक इलाज के बाद बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया था। बता दें कि डकैत वीरेंद्र गोरखपुर से लेकर देवरिया और बलिया से लेकर मऊ तक डकैती की घटना को अंजाम दिया करता था। इन इलाकों में इसके निशाने पर ईंट भट्ठे कारोबारी रहते थे।

बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही इसके गैंग के सदस्य की गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद एसटीएफ ने इसकी तलाश तेज कर दी थी। बीते मंगलवार को मुखबीर से सूचना मिली की डकैत वीरेंद्र रामनगर के रास्ते से वाराणसी में प्रवेश करने वाला है, जिसके बाद पुलिस ने रामनगर से लंका मैदान की एसटीएफ के साथ घेरेबंदी कर दी। बुधवार (07 मार्च) की सुबह 3:00 बजे वीरेंद्र रामनगर स्थित लंका मैदान में आता हुआ दिखाई दिया, जिसे पुलिस गिरफ्त में लेने की कोशिश की। लेकिन वीरेंद्र ने पुलिस टीम के ऊपर फायरिंग करना शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में विरेंद्र के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद वीरेंद्र को वाराणसी की मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
गोरखपुर से देवरिया तक था खौफ
इस संबंध में डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि वीरेंद्र बलिया, मऊ, देवरिया, गोरखपुर के साथ ही अन्य जिलों में डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया करता था। वाराणसी में गिरफ्तारी होने के बाद इसके और अपराधिक इतिहास को खंगालाना शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वीरेंद्र के इलाज के बाद उससे पूछताछ में उसके एक और साथी के बारे में पूछा जाएगा जो कि मुठभेड़ के वक्त अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकलने में कामयाब रहा।












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