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Varanasi News: काशी की बेटी ने लखनऊ में रैंप पर बिखेरा जलवा, जीता मिसेज इंडिया कोहिनूर का खिताब

लखनऊ में आयोजित कॉम्पटीशन में मिसेज इंडिया कोहिनूर का खिताब वाराणसी की रहने वाली आकांक्षा त्रिवेदी ने जीता है। इससे उनके परिवार में खुशी का माहौल है। आकांक्षा वाराणसी के एक महिला कॉलेज में प्रोफेसर हैं।

Varanasi Akaksha

Varanasi की बेटी आकांक्षा ने लखनऊ में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लखनऊ में आयोजित कम्पटीशन मिसेज इंडिया कोहिनूर किताब को आकांक्षा त्रिवेदी ने अपने नाम किया है। इस उपलब्धि से आकांक्षा के परिवार सहित उनको जानने वालों में खुशी का माहौल है। उनके घर पहुंचकर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।

कम्पटीशन में 80 मॉडल्स हुई थी शामिल

कम्पटीशन में 80 मॉडल्स हुई थी शामिल

आकांक्षा त्रिवेदी द्वारा बताया गया कि लखनऊ में आयोजित मिसेज इंडिया कोहिनूर खिताब में देश के अलग-अलग राज्यों से 80 मॉडल से शामिल हुई थी। ऐसे में इस खिताब को जीतने के लिए आकांक्षा को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लखनऊ में आयोजित इस कंपटीशन में आकांक्षा त्रिवेदी जब रैंप पर अपना जलवा बिखेरा तो अन्य लोग काफी पीछे रह गए और आकांक्षा ने जीत हासिल की। आकांक्षा ने बताया कि कई स्टेप के बाद उन्होंने सफलता हासिल की। यह भी बता दें कि आकांक्षा पीएचडी और नेट क्वालीफाई करने के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से संबंध वसंत कॉलेज फॉर वूमेन में प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। ऐसे में यह उपलब्धि हासिल करने की सूचना जब कॉलेज के लोगों और उनके मित्रों को ही तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

टॉम बॉय कहकर चिढ़ाते थे सहपाठी

टॉम बॉय कहकर चिढ़ाते थे सहपाठी

आकांक्षा ने यह भी बताया कि स्कूली समय में वह पढ़ाई लिखाई में काफी कमजोर रहीं और मेकअप आदि में उनकी कोई रुचि नहीं रहती थी। यह भी बताया कि उनके दोस्त बैक बेंचर और टॉम बॉय कहकर चिढ़ाते थे। यह स्थिति हाईस्कूल तक रही और कक्षा दसवीं में पहुंचने के बाद आकांक्षा त्रिवेदी ने बताया कि उनके अंदर काफी बदलाव हुआ। पढ़ाई में उनका मन लगने लगा और कड़ी मेहनत करते हुए उन्होंने पीएचडी और नेट क्वालीफाई किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस किताब को जीतने में उनके पिता तथा उनके पति तथा उनके दोस्तों से काफी सहयोग मिला।

पिता रह चुके हैं डिप्टी एसपी

पिता रह चुके हैं डिप्टी एसपी

आकांक्षा त्रिवेदी द्वारा बताया गया कि उनके पिता पुलिस विभाग में थे, ऐसे में बचपन में उन्हें अपने पिता से काफी डर भी लगता था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पिता द्वारा उन्हें कभी भी डांट फटकार नहीं लगाई गई और पिता द्वारा उनके कार्यों की हमेशा सराहना की जाती रही। आकांक्षा के पिता शिशिर त्रिवेदी डिप्टी एसपी रहे और अब रिटायर हो चुके हैं। वहीं आकांक्षा के पति शेखर खन्ना दृष्टि आईएएस में प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। अपनी इस उपलब्धि के लिए आकांक्षा द्वारा अपने पिता और अपने पति तथा, स्कूल-कॉलेज और मित्रों व शिक्षकों का आभार जताया गया।

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