UP Yojana: गौपालकों को मिलेगी 80 हजार तक सब्सिडी और 15 हजार का प्रोत्साहन, आवेदन की पूरी जानकारी यहां जानें
UP Yojana: अगर आप गांव में रहकर कुछ नया और लाभकारी करना चाहते हैं, तो अब सरकार आपके लिए सुनहरा मौका लेकर आई है। गाय पालन के ज़रिए न केवल आपकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि एक स्थायी रोजगार का रास्ता भी खुलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाओं को इस साल भी लागू किया है।
गायों की देखभाल और पालन में रुचि रखने वालों के लिए यह समय बेहद अनुकूल है। 'मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना', 'स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना' और 'मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना' जैसी योजनाएं आर्थिक सहयोग और प्रोत्साहन के साथ पेश की जा रही हैं। इन योजनाओं के जरिए सरकार न सिर्फ गाय पालकों को वित्तीय सहायता दे रही है, बल्कि रोजगार को भी गांव स्तर पर मजबूत बना रही है।

सबसे खास बात यह है कि इन योजनाओं में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इच्छुक लाभार्थी 13 अगस्त तक 'नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल' (https://nandbabadugdhmission.up.gov.in) पर आवेदन कर सकते हैं। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और ग्रामीणों को शहरों की ओर पलायन करने की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी।
कौन-कौन सी योजनाएं हैं शामिल?
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत दो उन्नत नस्ल की गायों (गिर, साहीवाल, थारपारकर या हरियाणा नस्ल) की खरीद पर 40% तक अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 80000 रुपए तय की गई है। महिला पशुपालकों को इस योजना में 50% प्राथमिकता दी जाएगी।
इस योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं गायों पर मिलेगा जो पहली या दूसरी ब्यात में हों। इससे पशुपालक शुरू से ही गुणवत्तापूर्ण डेयरी व्यवसाय की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। इस योजना के तहत गांव के छोटे किसान भी स्वदेशी नस्ल को बढ़ावा देकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
मिनी नंदिनी योजना - बड़े स्तर पर कमाई का जरिया
अगर आप थोड़े बड़े स्तर पर डेयरी यूनिट खोलना चाहते हैं, तो 'मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना' आपके लिए बनी है। इस योजना में 10 स्वदेशी नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने पर कुल लागत 23.60 रुपए लाख मानी जाती है, जिस पर 50% यानी 11.80 रुपए लाख तक का अनुदान मिलेगा।
इसके लिए 1 एकड़ ज़मीन (जिसमें से 0.2 एकड़ भवन और 0.8 एकड़ चारा उत्पादन के लिए) होना जरूरी है। परियोजना लागत का शेष 15% लाभार्थी को खुद देना होगा और 35% बैंक ऋण के रूप में मिलेगा। इस तरह एक व्यवस्थित और टिकाऊ डेयरी व्यवसाय की नींव रखी जा सकती है।
प्रगतिशील पशुपालकों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
'मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना' के तहत जिन गायों का दूध उत्पादन उच्च स्तर का होगा, उन्हें 10000 से 15000 रुपए तक का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। चयनित पशुपालकों को यह लाभ गाय के जीवनकाल में एक बार मिलेगा।
इस योजना के तहत प्रत्येक पशुपालक को अधिकतम दो गायों पर ही प्रोत्साहन मिलेगा। आवेदन गाय के ब्यात की तारीख से 45 दिन के भीतर ही करना अनिवार्य है, जिससे प्रक्रिया समयबद्ध बनी रहे। यह योजना खास तौर पर गंभीर और समर्पित पशुपालकों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
वाराणसी के लोग कहां और कैसे करें संपर्क?
यदि आपको आवेदन या योजना से संबंधित किसी भी जानकारी की ज़रूरत हो, तो आप अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा राधेश्याम प्रसाद (मो. 9451479428) और रामवृक्ष राम (मो. 9839594477) से भी सीधी जानकारी ली जा सकती है।












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