समान नागरिक संहिता की पहल का स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने किया स्वागत, बोले- देश के लिए जरूरी
समान नागरिक संहिता की पहल का अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्र आनंद सरस्वती द्वारा स्वागत किया गया है, उन्होंने कहा कि देश को एकजुट करने के लिए यह जरूरी है
गुजरात में विधानसभा चुनाव से पूर्व भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुजरात में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक कमेटी का गठन किए जाने की बात कहे जाने के बाद विपक्षी पार्टियों द्वारा इसका विरोध शुरू हो चुका है। इस मामले पर रविवार को केजरीवाल द्वारा भी विरोध जताया गया। वहीं वाराणसी में अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती द्वारा समान नागरिक संहिता के लिए विचार करने पर इसे ऐतिहासिक फैसला बताया गया।

कानून अलग-अलग हो तो देश एकजुट कैसे रहेगा
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि काफी दिनों से एक देश और एक कानून को लेकर चर्चा चल रही है। देश में बहुसंख्यक के लिए अलग कानून, अल्पसंख्यक के लिए अगल कानून और अगड़े के लिए अलग कानून तथा पिछड़े के लिए अलग कानून। ऐसे में कानूनों की इस श्रृंखला में यह देश एकजुट कहां रह पाता? उन्होंने आगे कहा कि देश को इतना बिखराव से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात की भूपेंद्र भाई पटेल की सरकार द्वारा यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
पीएम और गुजरात सरकार को दिए साधुवाद
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती द्वारा कहा गया कि अखिल भारतीय संत समिति द्वारा इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया जाता है तथा इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात की भूपेंद्र भाई पटेल की सरकार को अखिल भारतीय संत समिति साधुवाद देती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता की दिशा में सरदार वल्लभभाई पटेल से लेकर वर्तमान पीढ़ी तक गुजरात में ही राह दिखाई है। गुजरात सरकार द्वारा की गई यह पहल अनुकरणीय है। कहा कि देश की अखंडता के लिए समय-समय पर लेने ठोस निर्णय लेते रहना चाहिए।












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