PM मोदी के बाद BSF के बर्खास्त जवान तेज बहादुर करेंगे नामांकन, 2500 बर्खास्त जवान वर्दी में होंगे शामिल

Varanasi news, वाराणसी। सेना में खाने की कमी की शिकायत के बाद सुर्खियों में आए बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। रविवार को काशी पहुंचे तेज बहादुर ने साफ कहा कि पीएम मोदी ने देश की जनता के साथ झूठे वादे किए हैं, जिसकी वह पोल खोलने आए हैं। पीएम के नामांकन करने के बाद उसकी अगली तारीख को करीब 2500 सेना के अलग-अलग हिस्से के बर्खास्त जवानों के साथ अपना नामांकन करेंगे। इसके साथ ही उन्हें रिटायर्ड सेना के जवानों ने अपना समर्थन दे दिया है, जो आगे उनके प्रचार में भी शामिल होंगे।

पीएम ने सेना का उठाया राजनैतिक फायदा

पीएम ने सेना का उठाया राजनैतिक फायदा

तेजबहादुर ने कहा, ''मेरे खराब भोजन की शिकायत के बाद सेना को दी जाने वाली खाने की सामग्री में सुधार हुआ है, लेकिन एक भी दोषी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा मुझे बर्खास्त कर दिया गया। मैं अकेला एक राजनीति का शिकार नहीं हूं, करीब 10 हजार से ज्यादा लोग हैं जो सेना में अपनी शिकायत को लेकर अनुशासन के नाम पर बर्खास्त चल रहे हैं वो सभी मेरे साथ यहां आना चाहते है, जिन्हें मैंने अभी रोक रखा है।''

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तानाशाही में पीएम ने हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया

तानाशाही में पीएम ने हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया

तेज बहादुर ने पुलवामा हमले के बाद हुए एयर स्ट्राइक को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। तेज बहादुर यादव ने कहा कि पीएम मोदी देश की जनता से कहते है की उन्होंने पाकिस्तान पर कार्रवाई के लिए सेना को खुली छूट दे दी है, जबकि ऐसा कुछ नहीं। देश की सेना राष्ट्रपति के आदेश पर काम करती है, उसमें प्रधानमंत्री का कोई रोल नहीं होता है। मोदी जी ने सेना के लिए कोई काम नहीं किया, सिर्फ उन्होंने सेना के नाम का इस्तेमाल अपने राजनैतिक फायदे के लिए किया है। इस देश पर पीएम ने तानाशाह रवैया अपनाया है और तानाशाही में उन्होंने हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया है।

नहीं करेंगे सभा, डोर-टू-डोर करेंगे कैम्पेनिंग

नहीं करेंगे सभा, डोर-टू-डोर करेंगे कैम्पेनिंग

काशी में अपनी वर्दी में नजर आए बीएसएफ के जवान तेज बहादुर ने मीडिया के सवालों का जबाब देते हुए कहा कि उनके सम्पर्क में आने वाले सभी बर्खास्त जवान यहां आना चाहते हैं, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि अभी से उनकी व्यवस्था कराई जाए। इसी कारण करीब 2500 जवान उनके नामांकन के समय मौजूद होंगे और उसके बाद 10 हजार से ज्यादा लोग यहां आएंगे। वहीं, अपने अंदाज में तेज बहादुर यादव ने कहा कि अपने इस चुनावी दंगल में वो एक भी सभा नहीं करेंगे, क्योंकि उनके पास पैसे नहीं हैं। उनके साथ नामांकन के बाद काशी आने वाले अलग-अलग फोर्स के बर्खास्त जवान और रिटायर्ड सेना के लोग रोजाना 15 किलोमीटर तक पैदल चलकर हर दरवाजे तक जाएंगे और अपने पक्ष में वोट मांगेंगे। उन्हें उम्मीद है कि पीएम के झूठ के बारे में जानकर उनके काशी की जनता उनका साथ देगी और वो चुनाव जीतेंगे।

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