यूपी कॉलेज को लेकर वक्फ बोर्ड का पत्र वायरल, नमाजियों की अचानक बढ़ी संख्या, जानें क्या है मामला?
UP College Mosque News: वाराणसी की भोजूबीर स्थित यूपी कॉलेज (उदय प्रताप कॉलेज) में भी अचानक माहौल गर्म हो गया है। इस कॉलेज परिसर को लेकर यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उसके बाद मामला तूल पकड़ लिया है।
शुक्रवार को अचानक जुमे की नमाज पढ़ने के लिए यूपी कॉलेज परिसर में स्थित मस्जिद में करीब 500 से अधिक नमाजी पहुंच गए। जानकारी होने के बाद कॉलेज परिसर में फोर्स तैनात कर दी गई। हालांकि माहौल पूरी तरह शांत रहा।

दरअसल, चार दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी उदय प्रताप कॉलेज (UP College) के 115 वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि भूमि की उपलब्धता होने पर यहां यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री द्वारा विश्वविद्यालय बनाए जाने का बयान देने के बाद शुक्रवार को पहला जुमा था। ऐसे में जुमे के पहले सोशल मीडिया पर यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का एक पत्र वायरल होने लगा और शुक्रवार को यहां काफी संख्या में नमाजी पहुंच गए।
1909 में हुई थी इसकी स्थापना
दरअसल, भोजूबीर में स्थित उदय प्रताप कॉलेज जिसे यूपी कॉलेज के नाम से जाना जाता है। कॉलेज कैंपस करीब 100 एकड़ में फैला हुआ है। कॉलेज के वेबसाइट पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार स्वर्गीय राजर्षि उदय प्रताप सिंह जू देव ने 1909 में वाराणसी में हेवेट क्षत्रिय हाई स्कूल की स्थापना की, जिसे 1921 में इंटरमीडिएट कॉलेज के स्तर पर बढ़ा दिया गया।
उसी समय इसका नाम बदल दिया गया और नाम बदलकर उदय प्रताप इंटरमीडिएट कॉलेज वाराणसी कर दिया गया। 1949 में इस संस्थान को डिग्री कॉलेज के स्तर पर आगे बढ़ाया गया जब इसमें कला और वाणिज्य में स्नातक कक्षाएं शुरू की गईं। बाद 1950 में विज्ञान की कक्षाएं, 1963 में कृषि और अक्टूबर 1972 में बी.एड की कक्षाएं शुरू की गईं।

आईए जानते हैं क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यूपी कॉलेज परिसर में ही नवाब टोंक की मस्जिद और एक मजार भी है। मजार को कचनार शाह की मजार के नाम से जाना जाता है। मस्जिद में काफी समय से मुस्लिम समाज के लोग नमाज अदा करने के लिए आते हैं।
छात्रों समेत कुछ लोगों ने बताया कि पहले मस्जिद में करीब दो दर्जन नमाजी आते थे। लेकिन चार दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस यूनिवर्सिटी बनाए जाने की घोषणा किए जाने के बाद शुक्रवार को नमाजियों की संख्या बढ़ गई।
यहां यह भी बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषणा किए जाने के बाद यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का 2018 का जो पत्र वायरल हो रहा है। वह यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने 6 दिसंबर 2018 को नोटिस जारी किया था।
इसमें दावा किया गया था कि कालेज परिसर की भूमि यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की है। हालांकि इस नोटिस का जवाब यूपी कॉलेज शिक्षा समिति के तत्कालीन सचिव युवान सिंह द्वारा दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर जमीन से संबंधित कोई डीड है तो उपलब्ध कराएं। हालांकि बाद में यह मामला ठंडा बस्ते में चला गया।
अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यूपी कॉलेज को यूनिवर्सिटी बनाए जाने की घोषणा किए जाने के बाद एक बार फिर यह मामला तूल पकड़ने लगा है। फिलहाल कॉलेज परिसर में फोर्स की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल लेटर की जांच की जा रही है।












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