Mahashivratri 2025: बाबा विश्वनाथ देंगे 46 घंटे लगातार दर्शन, 14 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
Mahashivratri 2025: वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में इस साल महाशिवरात्रि पर भक्तों के लिए खास व्यवस्था की गई है। बाबा विश्वनाथ अपने भक्तों को लगातार 46 घंटे तक दर्शन देंगे। 26 फरवरी को मंगला आरती के बाद मंदिर के पट खुलेंगे और 27 फरवरी की शयन आरती तक बिना किसी अवरोध के श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस बार 14 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। महाशिवरात्रि पर बाबा के विवाहोत्सव की भी खास तैयारियां की गई हैं, जिसमें लगभग 8 घंटे तक विशेष पूजन और शृंगार होगा। इस दौरान सप्तऋषि और शृंगार आरती नहीं होगी, लेकिन चार प्रहर की आरती का आयोजन किया जाएगा।

काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि 25 फरवरी को शयन आरती के बाद गर्भगृह बंद होगा और 26 फरवरी की भोर में 2:30 बजे मंगला आरती के साथ मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद 27 फरवरी की रात शयन आरती तक मंदिर खुला रहेगा, जिससे भक्तों को निर्बाध दर्शन का अवसर मिलेगा।
रातभर चलेगा बाबा का विवाहोत्सव
महाशिवरात्रि के दिन बाबा के विवाहोत्सव की रस्में भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जाएंगी। रात 10:30 बजे से विवाह अनुष्ठान की शुरुआत होगी और यह अगले दिन सुबह 6 बजे तक चलेगा। इस दौरान विशेष पूजन, शृंगार और मंत्रोच्चार के साथ बाबा का विवाह संपन्न होगा।
सिर्फ डेढ़ घंटे करेंगे बाबा विश्राम
महाशिवरात्रि के एक दिन पहले यानी 25 फरवरी की रात बाबा केवल डेढ़ घंटे विश्राम करेंगे। इसके बाद लगातार दो दिन तक मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुले रहेंगे। इस दौरान महाकुंभ की भीड़ को देखते हुए शयन आरती रात 12:30 बजे से 1:00 बजे तक की जाएगी, ताकि अधिकतम श्रद्धालु दर्शन का लाभ उठा सकें।
महाशिवरात्रि के दिन वाराणसी में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिलेगी। मंदिर प्रशासन ने 14 लाख से अधिक भक्तों के आगमन का अनुमान लगाया है। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर परिसर में विशेष प्रबंध किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी ताकि भक्तों को कोई असुविधा न हो।
शृंगार और पूजन की विशेष तैयारियां
महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा का विशेष शृंगार किया जाएगा। इस दौरान मंदिर में भव्य फूलों की सजावट होगी और बाबा को विशेष वस्त्र धारण कराए जाएंगे। इस दौरान सप्तऋषि आरती और शृंगार आरती स्थगित रहेगी, लेकिन भक्तों को दर्शन में कोई बाधा नहीं होगी।












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