Mahashivratri 2023 पर काशी विश्वनाथ बनेंगे दूल्हा, कुछ इस तरह मिल सकेगा Online प्रसाद
महाशिवरात्रि से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी है, महाशिवरात्रि के पर्व पर देश-विदेश से श्रद्धालु भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन करने वाराणसी पहुंच रहे हैं।

महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शिव भक्तों में उत्साह नजर आ रहा है, जहां भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में भी श्रद्धालुओं के बीच महाशिवरात्रि पर्व को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। महाशिवरात्रि से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी है, जहां हर रोज भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह से जुड़ी रस्म आयोजित की जा रही है। महाशिवरात्रि के पर्व पर देश-विदेश से श्रद्धालु भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन करने वाराणसी पहुंच रहे हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर काशी विश्वनाथ के कपाट मंगला आरती से लेकर अगले दिन रात 11 बजे तक यानी कुल 44 घंटे तक खुले रहेंगे।

महाशिवरात्रि पर विशेष आराधना
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर काशी विश्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना होगी, जहां महाशिवरात्रि के चार पहर में होने वाली विशेष आरती में शिव पार्वती विवाह संपन्न होगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को शिवलिंग स्पर्श करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं को केवल झांकी दर्शन मिलेगा। साथ ही गर्भ गृह में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती होगी। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का कपाट खोल दिया जाएगा। दोपहर 12 बजे भोग आरती होगी। इसी के साथ महानिशा के चार प्रहर में अलग-अलग मंत्रों से भगवान शिव के 400 रूपों की आराधना की जाएगी। चार पहर की आरती रात 11 बजे शुरू होकर दूसरे दिन यानी 19 फरवरी की सुबह 6 बजे तक चलेगी, और मंदिर के कपाट रात्रि 11 बजे बंद होंगे।

दर्शन के लिए विशेष इंतजाम
महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए लगभग 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिसे लेकर मंदिर प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं। काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए लाइन में लगने के बाद श्रद्धालुओं को 25 मिनट के अंदर गर्भ गृह में पहुंचने और भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन करने की व्यवस्था की गई है। एक श्रद्धालु को पूजा के लिए 2 सेकेंड का वक्त मिलेगा। इस दौरान श्रद्धालु ना ही शिवलिंग को छू सकेंगे, और ना ही जलाभिषेक कर सकेंगे। गर्भ गृह के बाहर लगे पाइप के माध्यम से भगवान काशी विश्वनाथ तक दूध और पानी पहुंचाया जा सकेगा। शिवरात्रि पर्व पर मंदिर की दर्शन व्यवस्था को बंद रखने का फैसला भी लिया गया है।

घर बैठे ऑनलाइन मंगा सकते हैं प्रसाद
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ऐप के जरिए श्रद्धालु रुद्राभिषेक, आरती, पूजन और सुगम दर्शन बुक कर सकते हैं। यूजर ऐप के जरिए आरती बुकिंग करने पर मंदिर में प्रवेश के लिए एसएमएस और ईमेल के जरिए टोकन नंबर प्राप्त करते हैं। इतना ही नहीं श्रद्धालु ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए काशी विश्वनाथ का प्रसाद भी अपने घर तक मंगवा सकते हैं, फिलहाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना का सिलसिला जारी है।
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