Gyanvapi mosque: जानिए मुस्लिम पक्ष के सर्वे में शामिल न होने की वजह, चार घंटे में ASI टीम ने क्या किया?
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Gyanvapi mosque: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में सोमवार को सर्वे का कार्य चल रहा था इसी दौरान करीब सुप्रीम कोर्ट द्वारा ज्ञानवापी परिसर में किए जा रहे एएसआई सर्वे पर दो दिनों अर्थात 26 जुलाई तक रोक लगा दी गई। रोक लगाए जाने के बाद ज्ञानवापी परिसर में मौजूद टीम बाहर निकल गई।
मस्जिद परिसर में प्रवेश करने के बाद एएसआई की टीम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सील किए गए वजू स्थल को छोड़कर मस्जिद परिसर के अन्य स्थानों की मापी कर रही थी। निगरानी के लिए परिसर के चारों कोने में चार स्टैंड कैमरे लगाए गए थे और सर्वे की रिकॉर्डिंग की जा रही थी।

सर्वे के लिए अंदर प्रवेश करने के बाद एएसआई को चार टीमों में बांट दिया गया। चारों टीमें अलग-अलग सर्वे कर रही थी। इस दौरान परिसर में लगे ईंट पत्थर की हाइट नापी गई और दीवारों की फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई गई। इस दौरान सुरक्षा के भी चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे।
शुरुआती सर्वे में टीम ने फीता लेकर पूरे परिसर की नापी थी। वहीं हिंदू पक्ष के वकील अनुपम कुमार द्वारा मीडिया को बताया गया कि मुस्लिम पक्ष द्वारा सर्वे किए जाने के दौरान कोई भी सहयोग नहीं किया गया। मस्जिद परिसर का दरवाजा भी नहीं खोला गया था। पश्चिमी परिसर से बाहर-बाहर नापी कराई जा रही थी, तब तक सुप्रीम कोर्ट का स्टे आर्डर आ गया और सर्वे रोक दिया गया।
परिसर से बाहर निकलते समय वाराणसी के जिलाधिकारी एस. राजलिंगम से मीडिया कर्मियों ने बात किया तो उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के लिए प्रवेश किए प्रशासनिक अधिकारी और सर्वे करने के लिए पहुंची टीम व दोनों पक्ष के लोग बाहर निकल आए हैं।
मुस्लिम पक्ष ने बताई शामिल न होने की वजह
यह भी बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद के मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी द्वारा मीडिया को बताया गया कि ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे करने से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि रविवार देर रात वाराणसी के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर के साथ मुस्लिम पक्ष की बैठक हुई थी। इस दौरान मुस्लिम पक्ष द्वारा अनुरोध किया गया था कि इस मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है, ऐसे में सर्वे को 1 दिन के लिए टाल दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोमवार की सुबह में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वे करने के लिए एएसआई और अधिकारियों की टीम पहुंच गई और सर्वे प्रारंभ कर दी। ऐसे में मुस्लिम पक्ष द्वारा फैसला लिया गया कि वह सर्वे में शामिल नहीं होगा।












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