भारत को हिंदू राष्ट्र और वाराणसी को राजधानी बनाने का मसौदा तैयार कर रहे साधु संत

भारत को हिंदू राष्ट्र और वाराणसी को उसकी राजधानी बनाने के लिए साधु संतों और विद्वानों के एक वर्ग द्वारा तैयार किया जा रहा संविधान

वाराणसी,15 अगस्‍त: भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए साधु संतों और विद्वानों का एक वर्ग संविधान तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि अब तक इस संविधान के 32 पन्ने बनकर तैयार हो चुके हैं। जिनमें वाराणसी को हिंदू राष्ट्र भारत की राजधानी बनाने सहित कई अहम मुद्दों को शामिल किया गया। शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने यह भी बताया कि 30 साधु संतो और विद्वानों का समूह इस मसौदे इस मसौदे को तैयार कर रहा है।

प्रयागराज माघ मेले में किया जाएगा पेश

प्रयागराज माघ मेले में किया जाएगा पेश

फरवरी 2022 में प्रयागराज में लगे माघ मेले में आयोजित की गई धर्म संसद में स्वयं का संविधान बनाकर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का एक प्रस्ताव पारित हुआ था। उसी के आधार पर साधु संतों और विद्वानों के एक वर्ग द्वारा संविधान तैयार किया जा रहा है। अभी तक 32 पन्ने तैयार हुए हैं, जबकि 2023 में लगने वाले माघ मेले तक संविधान के 300 पन्नों को तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। संविधान तैयार करने में देश के विद्वानों और विशेषज्ञों की भी राय ली जाएगी।

कवर पेज पर अखंड भारत का नक्सा

कवर पेज पर अखंड भारत का नक्सा

स्वामी आनंद स्वरूप के अनुसार संविधान के कवर पेज पर अखंड भारत का नक्शा बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संविधान के माध्यम से जिन देशों जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, अफगानिस्तान को भारत से अलग कर दिया गया है। उनका भी एक दिन अखंड भारत में विलय हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाए जाने के बाद वाराणसी को राजधानी बनाई जाएगी। इसके अलावा वाराणसी में धर्म संसद बनाए जाने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है।

मुस्लिम और ईसाई धर्म को मतदान का नहीं होगा अधिकार

मुस्लिम और ईसाई धर्म को मतदान का नहीं होगा अधिकार

स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि यह संविधान तैयार कर लागू किए जाने के बाद मुस्लिम और ईसाई धर्म के लोगों को मतदान का अधिकार नहीं होगा। हालांकि मुस्लिम और ईसाई धर्म के लोगों को एक आम नागरिक की तरह सभी सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि धर्म संसद के लिए कुल 543 सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। 16 वर्ष पूरा करने वाला कोई भी व्यक्ति मतदान कर सकेगा, जबकि 25 वर्ष की आयु पूरी करने वाले व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार प्राप्त होगा।

कृषि को किया जाएगा कर मुक्त

कृषि को किया जाएगा कर मुक्त

उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू राष्ट्र के लिए बनाए जा रहे भारत के संविधान के अनुसार भारत में कृषि को सभी प्रकार के कर से मुक्त रखा जाएगा। इसके अलावा गुरुकुल की प्रणाली को फिर से शुरू करते हुए उसके अनुसार ही लोगों को आयुर्वेद, गणित, नक्षत्र, ज्योतिष आदि की शिक्षा दी जाएगी। हिंदू राष्ट्र के हर नागरिक को अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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