बांद्रा में भीड़ जुटाने का आरोपी विनय दुबे वाराणसी से लड़ चुका है चुनाव, मुंबई में ऑटो चलाते हैं पिता
भदोही। लॉकडाउन के दौरान मुंबई के बांद्रा में भीड़ जुटाने के आरोप में पुलिस ने विनय दुबे को गिरफ्तार किया है। विनय दुबे उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के औराई थाना क्षेत्र के हरिनारायनपुर गांव का रहने वाला है। विनय ने 2012 में वाराणसी शहर उत्तरी से विधानसभा का चुनाव एनसीपी के टिकट पर लड़ा था। सफलता नहीं मिली तो पार्टी छोड़कर महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय महापंचायत नाम से स्वयंसेवी संगठन बनाकर समाजसेवा में जुट गया। वह लंबे समय से मुंबई में ही रहता है।

मुंबई में ऑटो ड्राइवर हैं विनय दुबे के पिता
पिता जटाशंकर मुंबई में ऑटो ड्राइवर हैं। गांव में पैतृक मकान है, जिसमें उसके ताऊ रविशंकर दुबे अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। विनय मुंबई में ही पैदा हुआ, यहीं पढ़ाई-लिखाई की। चार भाइयों में सबसे बड़ा विनय मुंबई से बीई कर रहा था, लेकिन फेल होने के कारण पढ़ाई छोड़ दी और समाजसेवा में जुट गया। तीन छोटे भाई निर्भय, अभय और अजय माता-पिता के साथ मुंबई में ही रहते हैं। तीनों अलग-अलग कंपनियों में नौकरी करते हैं।

परिजनों ने कहा- राजनीति का शिकार हो रहा है विनय
गांव में बड़े पिता रविशंकर बताते हैं कि एक बार उसे समझाया था कि वह राजनीति के चक्कर में न पड़े, लेकिन नहीं माना। परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा कि विनय राजनीति का शिकार हो रहा है। बांद्रा की इस भीड़ से उसका कोई लेना-देना नहीं है। मीडिया से हुई बातचीत में विनय के भाई निर्भय ने कहा कि उनके भाई को राजनीति का शिकार बना दिया गया है। उन्होंने जो पोस्ट की थी उसमें 18 अप्रैल को पैदल निकलने की बात कही थी, जबकि यह भीड़ 15 को ही एकत्र हो गई। इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बाद की पोस्ट को भी अगर देखा जाए तो वह पोस्ट शाम के चार बजे की गई है, जबकि बांद्रा में भीड़ सुबह 10 बजे से ही लगनी शुरू हो गई थी। विनय के परिजनों का कहना है कि उसके साथ राजनीति हो रही है, उसे बेवजह फंसाया जा रहा है।

कल्याण से भी लड़ा था चुनाव
स्थानीय लोगों ने बताया कि विनय पहले बेकरी का काम करता था, फिर उत्तर भारतीय महापंचायत संगठन बनाया। मुंबई में जब उत्तर भारतीयों को पीटा जा रहा था, तब विनय फेसबुक पर मनसे, राज ठाकरे को खुली चुनौती देता था। कई उत्तर भारतीयों ने ही उसपर पैसे खाने के आरोप लगाए। फेसबुक पर ही उन्हें देख लेने की धमकी भी दी है। बताया जाता है कि पिछले लोकसभा चुनाव में विनय ने कल्याण से चुनाव लड़ा लेकिन जमानत जब्त हो गई।












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