Year Ender 2024: उत्तराखंड की 10 बड़ी घटनाएं, जो प्रदेश ही नहीं देशभर में बनी चर्चा का विषय,हिलाकर रख दिया
Year Ender 2024: साल 2024 को अलविदा कहने और नए साल का स्वागत करने के लिए हर कोई तैयार है। लेकिन इन सबके बीच साल 2024 में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इनमें सबसे बड़ी घटना देहरादून कार हादसे की रही।
जिसमें 6 दोस्तों की दर्दनाक मौत हुई। जिसने भी इस घटना के वीडियो देखे रूह कांप उठी। इसके अलावा अल्मोड़ा के मरचूला में यात्रियों से भरी बस खाई में गिरने से 38 लोगों की हुई थी। आइए एक नजर डालते हैं इस साल की 10 बड़ी घटनाओं पर जो कि उत्तराखंड की नहीं पूरे देश भर में चर्चा का विषय बनीं।

1-देहरादून के ओएनजीसी चौक पर 11 नवंबर को देर रात एक हादसा हुआ। जो कि सुबह तक पूरे देश में सबसे भीषण हादसा बन गया। हादसे में छह युवाओं की दर्दनाक मौके पर ही मौत हो गई। एक साथी अस्पताल में भर्ती हुआ। दोस्त की नई इनोवा पार्टी के बाद सात दोस्त सड़कों पर घूमने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ओएनजीसी चौक के पास हादसे का शिकार हो गए। इनोवा कार पहले कंटेनर और फिर पेड़ से टकरा गई। लेकिन मौत इतनी खतरनाक थी, कि जिसने भी देखा रूह कांप गई। मृतक 19 से 25 साल के युवा छात्र थे।
2-अल्मोड़ा के मरचूला में यात्रियों से भरी बस खाई में गिरने से 38 लोगों की हुई थी मौत की घटना पूरे देश के लिए झकझोर कर रखने वाली घटना थी। पांच नवंबर को अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड के मरचूला में यात्रियों से खचाखच भरी बस अनियंत्रित होकर करीब 150 फुट गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई। भीषण बस हादसे के बाद मौके पर मंजर बेहद ही भयावह था। घटनास्थल पर शव बिखरे पड़े थे और इधर-उधर लहूलुहान हालत में घायल कराह रहे थे।
3-आइएसबीटी परिसर में उत्तराखंड परिवहन निगम की देहरादून-दिल्ली मार्ग की अनुबंधित सीएनजी बस में मुरादाबाद उत्तर प्रदेश निवासी किशोरी से 12 अगस्त की मध्य रात्रि पांच लोगों ने दुष्कर्म किया था। मामला पुलिस के संज्ञान में 17 अगस्त की रात्रि आया था। उससे पूर्व किशोरी बाल कल्याण समिति के पास थी, जहां उसकी काउंसलिंग की जा रही थी। पुलिस ने 18 अगस्त को परिवहन निगम के दो विशेष श्रेणी परिचालक व एक नियमित परिचालक समेत अनुबंधित बसों के दो चालकों को सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया था।
4-पहला मामला था जब गुप्ता बंधु जेल गए थे। देहरादून के नामी बिल्डर बाबा साहनी ने बेटी के अपार्टमेंट में आठवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में आरोपित अजय कुमार गुप्ता व उनके बहनोई अनिल गुप्ता (गुप्ता बंधु) को अदालत ने 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए। बाबा साहनी की जेब से मिले सुसाइड नोट व उनके बेटे के बयान के आधार पर पुलिस ने सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के निवासी चर्चित अजय कुमार गुप्ता व उनके बहनोई अनिल गुप्ता (गुप्ता बंधु) के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था।
5-28 मार्च को डेरा कारसेवा प्रमुख तरसेम सिंह की गोली मारकर बाइक सवार शूटरों ने हत्या कर दी थी। डेरा कारसेवा प्रमुख तरसेम सिंह की हत्या प्रमुख डेरों के प्रबंधन में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर 10 लाख की सुपारी देकर कराई थी। एडवांस में 1.60 लाख रुपये ले लिए थे और पांच लाख रुपये हत्या के बाद शूटर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने हत्या के मास्टर माइंड समेत चार षड़यंत्रकारियों को गिरफ्तार कर लिया था।
6-हरिद्वार के श्री बालाजी ज्वेलर्स में हुई 5 करोड़ की डकैती की घटना से पूरा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। एसटीएफ ने बदमाशों की तलाश में पुलिस की पांच टीमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा व राजस्थान भेजी, जबकि छह टीमों ने स्थानीय स्तर पर पड़ताल की। हरिद्वार के रानीपुर मोड़ स्थित श्री बालाजी ज्वेलर्स शोरूम में एक सितंबर को दिन दहाड़े हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग कर शोरूम स्वामी व स्टाफ की आंख में मिर्च स्प्रे डालकर पांच करोड़ रुपये के जेवरात लूट लिए थे। इससे व्यापारियों में आक्रोश है और कानून-व्यवस्था पर सवाल भी उठे।
7-ऊधमसिंह नगर में नर्स के साथ पहले दुष्कर्म किया गया फिर उसकी हत्या कर दी गई और आरोपित ने पहचान छिपाने के लिए नर्स का चेहरा पत्थरों से कूच दिया था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन पूरे उत्तराखंड में इस मामले प्रदर्शन हुए। जानकारी के मुताबिक ड्यूटी से घर आने के दौरान 30 जुलाई की रात से नर्स गायब हो थी। वह रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल नर्स थी और ड्यूटी कर लौट रही थी।
8-31 जुलाई को केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर दो जगह बादल फटने ने भारी तबाही मची थी। मार्ग कई जगह ध्वस्त हो गया था। केदारनाथ यात्रा रोक दी गई थी। आपदा में 17 लोग लापता हुए थे, जिनमें से सात के शव मिल गए थे। करीब दस हजार यात्री जगह-जगह फंस गए। रेस्क्यू कार्यों में तेजी लाने के लिए सेना की भी मदद ली गई।
9- हल्द्वानी शहर का बवाल भी देशभर में चर्चा का विषय बना। फरवरी को बनभूलपुरा में सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसा व नमाज स्थल को हटाने के लिए पुलिस, प्रशासन व नगर निगम की टीमें बुलडोजर लेकर पहुंची थी। लेकिन इसको लेकर बवाल हो गया। छतों से पत्थर बरसने लगे। सड़क पर खड़े वाहनों को एक-एक कर आग के हवाले कर दिया गया। उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाने को घेर लिया। पेट्रोल बम फेंककर थाने को फूंकने की कोशिश की। जिला प्रशासन की ओर से स्थिति को काबू में करने के लिए उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश हुए। उपद्रव में पांच लोगों की जान चली गई। दंगे का दंश पूरे हल्द्वानी ने झेला। इंटरनेट सेवाएं ठप करनी पड़ीं। शहर के अलावा बनभूलपुरा में कर्फ्यू रहा।
10-देहरादून में एक और आपराधिक घटना भी चर्चा का विषय बनीं। देहरादून के रायवाला थाना क्षेत्र में एक युवती की लाश मिली। जानकारी जुटाई तो पता चला कि मृतक के पिता उत्तराखंड पुलिस में दरोगा के पद पर तैनात हैं। घटना को अंजाम उसी के एक दोस्त ने दिया था। युवक ने पहले युवती को मौत के घाट उतारा और उसकी लाश को जंगल के किनारे फेंक दिया था और उसके बाद खुद युवक ने आत्महत्या कर ली थी। हालांकि इस घटना का पूरा खुलासा अब तक नहीं हो पाया।












Click it and Unblock the Notifications