उत्तराखंड में ही सबसे पहले UCC क्यों? क्या लोक चुनाव 2024 से पहले अन्य राज्यों में होगा लागू?
Uniform Civil Code in Uttarakhand: उत्तराखंड के विधानसभा सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता विधेयक (UCC) पेश किया। UCC मसौदे को धामी नेतृत्व वाली उत्तराखंड कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी अब सदन में यूसीसी ड्राफ्ट चर्चा होगी उसके बाद ये पास होगा।

उत्तराखंड में ये यूसीसी बिल पास होते ही, उत्तराखंड आजादी के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा क्योंकि गोवा में पुर्तगाली शासन से यूसीसी कानून लागू है। हालांकि पूरे देश में यूनिफॉर्म सिविल कानून लागू करने का वादा भाजपा का 2019 के आम चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल था।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या लोकसभा चुनाव 2024 से पहले पूरे देश या देश के अन्य राज्यों में भारतीय जनता पार्टी ने यूसीसी लागू करेगी? इसके साथ ही ये सवाल उठा रहा है कि सबसे पहले यूसीसी लागू करने के लिए उत्तराखंड को ही भाजपा ने क्यों चुना?
क्या है यूसीसी?
पहले बता दें सामान्य नागरिक संहिता विधेयक का उद्देश्य एक देश एक कानून लागू करना है। यूसीसी सभी समुदायों, धर्मो के नागरिकों के लिए एक समान कानून से संबंधित है।
विवाह, तलाक, भूमि, संपत्ति और विरासत के अधिकार को लेकर जो कानून बनाए गए हैं वो सभी धर्म के नागरिकों को समान रूप से मानने होते हैं, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो। अगर देश भर में यूसीसी लागू होता है तो सभी धर्मों के लिए वही कानून लागू होगा। यूसीसी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 का हिस्सा है और ये संविधान के नीति निदेशक तत्व में शामिल है।
पूरे देश में एक साथ क्यों नहीं यूसीसी लागू कर रही सरकार?
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले उत्तराखंड में सबसे पहले यूसीसी विधेयक पास कर उसे लागू करना भाजपा का एक प्रयोग माना जा रहा है। इसकी वजह है कि एक साथ पूरे देश में यूसीसी लागू करने पर तीखी प्रतिक्रिया हो सकती है। इसलिए भाजपा इसे एक साथ पूरे देश में लागू करने के बजाय कुछ राज्यों में लागू करके इसके असर का मूल्यांकन करना चाहती है। इसके बेहतर परिणाम आते हैं तो केंद्र सरकार इसे देश भर में लागू करने का बड़ा कदम उठाएगी।
उत्तराखंड को ही क्यों चुना?
उत्तराखंड एक छोटा राज्य है और यहां पर महज पांच लोकसभा सीटें हैं। इसके अलावा देव भूमि उत्तराखंड में मुस्लिम आबादी भी अन्य राज्यों की अपेक्षा कम हैं।
उत्तराखंड के बाद किन राज्यों में लागू हो सकता है यूसीसी?
उत्तराखंड में अपना ये प्रयोग सफल होने के बाद भाजपा देश के अन्य छोटे-बड़े भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने के लिए कदम बढ़ा सकती है। जिसमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात,राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा मणिपुर, हरियाणा और महाराष्ट्र में यूसीसी लागू कर सकती है।
लोकसभा 2024 से पहले भाजपा का बड़ा दाव
चूंकि यूसीसी लागू करना भाजपा के घोषणा पत्र का एक अहम वादा है, ऐसे में अगर भाजपा इसे लागू करने में कामयाब हो जाती है तो अपना एक और वादा पूरा कर मोदी सरकार और भाजपा पर वोटर्स का विश्वास और बढ़ जाएगा। चुनाव में जनता के बीच जाकर भाजपा सीना चौड़ा कर कह सकेगी कि उसने अनुच्छेद 370 हटाने, राम मंदिर निर्माण के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा भी पूरा कर दिया है, जो 2019 के आम चुनाव में घोषणा पत्र में था।










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