चारधाम यात्रा पर क्यों कम नहीं हो रही भाजपा की मुश्किल, अब खड़ा हुआ ये नया बखेड़ा

केदारनाथ पहुंचे पीएमओ टीम, मंदिर में पूजा पर पुरोहितों की आपत्ति

देहरादून, 24 सितंबर। उत्तराखंड की भाजपा सरकार के लिए चुनावी साल में मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। देवस्थानम बोर्ड, चारधाम यात्रा को लेकर स्थानीय तीर्थ पुरोहितों का पहले से ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच गुरूवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के केदारनाथ धाम दौरे से नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। केदारनाथ धाम के पुरोहितों का आरोप है कि पीएमओ की टीम ने मंदिर के गर्भगृह में पूजा अर्चना की, जो कि कोर्ट के प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। इसके बाद चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत ने एक बार​ फिर राज्य सरकार की मंशा और देवस्थानम बोर्ड को लेकर सरकार को घेरा है। साथ ही इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरने और आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

Why is the problem of BJP not reducing on Chardham Yatra, now this new ruckus has arisen

पीएमओ की टीम पहुंची ​है केदारनाथ
गुरुवार को प्रधानमंत्री के सलाहकार भाष्कर खुल्बे और पीएमओ में उप सचिव मंगेश घिल्डियाल व राज्य के पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर केदारनाथ पहुंचे। अफसरों ने तीर्थपुरोहितों के लिए बन रहे भवन, निर्माणाधीन घाट और आस्था पथ का जायजा लिया। इस दौरान रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मनुज गोयल ने टीम को कार्यो की जानकारी दी। पीएमओ टीम ने केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत होने वाले कार्यों की जानकारी ली। अधिकारियों ने केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की समाधिस्थल पर चल रहे निर्माण का समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी लगातार केदारनाथ आते रहे हैं। इस बार कपाट बंद होने के समय या पहले नवंबर में पीएम केदारनाथ धाम आ सकते हैं। अफसरों के दौरे को इसी की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

गर्भ गृह में पूजा पर पाबंदी
पीएमओ की टीम ने केदारनाथ पहुंचकर दर्शन और पूजा अर्चना भी की। केदारनाथ धाम के पुरोहित नवीन शुक्ला ने बताया कि पीएमओ टीम ने गर्भ गृह में पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि गर्भ गृह में पूजा करना कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। नवीन शुक्ला ने कहा कि कोर्ट ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत धाम में गर्भ गृह की पूजा पर रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि आम श्रद्धालु कोविड नेगिटिव रिपोर्ट लाकर देवस्थानम बोर्ड से ई पास बनाकर भी दर्शन, पूजा नहीं कर पा रहे हैं। राज्य सरकार को तुरंत ई पास का सिस्टम खत्म करना चाहिए। चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत ने इस पूरे प्रकरण पर सख्त नाराजगी जताई है। महापंचायत के अध्यक्ष केके कोटियाल ने कहा कि भगवान के दरबार में सब एक समान है। राज्य सरकार ने सबके लिए अलग-अलग नियम बनाए हैं। इसका पूरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे इसका जबाव डीएम, सीएम और पीएम से भी पूछेंगे। साथ ही चेतावनी दी कि इसका खामियाजा सरकार को विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

केदारनाथ धाम के पुरोहित नवीन शुक्ला ने कहा कि

पीएमओ टीम ने हाईकोर्ट के प्रोटोकॉल को तोड़ा है। गर्भ गृह में पूजा करना कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। आम लोग कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो करने और ईपास बनाने के बाद भी पूजा नहीं कर पा रहे हैं। राज्य सरकार आम लोगों के साथ छलावा कर रहे हैं। राज्य सरकार को तुरंत ई पास की व्यवस्था को खत्म करना चाहिए। सभी श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खुलने चाहिए।

चारधाम तीर्थ पुरोहित ह​कहकू​कधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकृांत कोटियाल ने कहा कि -

भगवान के दरबार में ना कोई बड़ा है और नहीं कोई छोटा। पीएमओ के लोग गर्भ गृह में पूजा कर रहे हैं और जिनको अधिकार है, उनको पूजा से वंचित किया जा रहा है। इसका जबाव जिले के डीएम, प्रदेश के सीएम और देश के पीएम को देना चाहिए। इसको लेकर आंदोलन छेड़ा जाएगा।

उत्तराखंड कांग्रेस पौराण‍िक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आचार्य नरेश आनंद नौटियाल ने कहा कि

एक तरफ सरकार आम लोगों के लिए सख्त नियम बनाकर दर्शन से वंचित कर रही है। दूसरी तरफ अपने वीआईपी को बिना किया नियम कानून के दर्शन कराए जा रहे ​हैं। वो भी जब कोर्ट ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत दर्शन कराने के ​निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार के इस कदम के बाद देवस्थानम बोर्ड की मंशा एक बार फिर सामने आ गई है। इसका परिणाम भाजपा को चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+