उत्तराखंड में कौन होगा कांग्रेस का सीएम चेहरा? हरीश रावत ने तोड़ी चुप्पी, दिया ये बड़ा संकेत
मीडिया सर्वे में हरीश रावत टॉप पर, बोले मुझे सत्ता की चाहत नहीं
देहरादून, 11 अक्टूबर। उत्तराखंड में चुनावी साल में कई एजेंसियों के सर्वे सामने आ चुके हैं। अधिकतर सर्वे हरीश रावत को बतौर मुख्यमंत्री बेहतर विकल्प बता रहे हैं। इन सर्वे को लेकर हरीश रावत ने एक बार फिर खुलकर मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर अपनी बात रखी है। हरीश रावत का कहना है कि उन्हें सत्ता की चाहत नहीं है। हालांकि उन्होंने कांग्रेस के झंडे का थामने का आह्रवान कर कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों के साथ जुड़कर ही हरीश रावत को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बना पाएंगे।

सर्वे में टॉप पर हरीश रावत उत्साहित
उत्तराखंड में सत्ता की वापसी को लेकर कांग्रेस लगातार अपनी रणनीति बनाने में जुटी है। पार्टी ने कांग्रेस संगठन से लेकर चुनाव अभियान समिति तक का गठन कर हरीश रावत के हाथ कमान भी सौंपी, लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा अब तक कांग्रेस ने घोषित नहीं किया है। जिसको लेकर खुद हरीश रावत और उनके समर्थक बार-बार सीएम पद का चेहरा बनाने की मांग करते आ रहे हैं। इस बीच पंजाब प्रकरण के बाद से उत्तराखंड कांग्रेस के अंदर एक नई बहस को खुद हरीश रावत ने जन्म दे दिया, जब हरीश रावत ने उत्तराखंड में किसी दलित चेहरे को सीएम बनाने की पैरवी कर डाली। इन सभी सियासी घटनाक्रम के बीच चुनाव से पहले कई मीडिया सर्वे सामने आ चुके हैं जिनमें बतौर सीएम हरीश रावत जनता की पहली पसंद बताई जा रही है। इन सर्वे रिपोर्ट से कांग्रेस के अंदर हरीश रावत खेमा खासा उत्साहित हैं। खुद हरीश रावत ने इसे 2017 के घाव भरने की बात की है। साथ ही हरीश रावत ये दावा कर रहे हैं कि उन्हें सत्ता की चाहत नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी चाहत है, गांव के उस व्यक्ति को राज्य की तरक्की से जोड़ने की है, जिसे अभी तक राज्य के तरक्की का लाभ नहीं मिला है। हरीश रावत का कहना है कि राज्य को एक ऐसे मुख्यमंत्री की आवश्यकता है जो काफल और काले भट्ट का महत्व समझता हो, जिसके पास ऐसी क्षमता हो जिसके आधार पर वह मडुवे और गन्ने का समन्वित संगीत तैयार कर सके। उत्तराखंडियत के लिए यह चुनाव अंतिम अवसर है।
हरीश रावत का कहना है कि
2017 की चुनावी हार और उसके बाद कई लोगों के राजनैतिक व्यंगों ने मेरे दिल में कई छेद कर दिये थे। उन्होंने कहा कि एक आशा थी कि मैंने भगवान केदार और भगवान बद्रीश के बेटे और बेटियों की अपनी जिंदगी की परवाह किए बिना सेवा की है। मुझे वही न्याय दिलाएंगे। आप सबने मुझे सबसे लोकप्रिय पसंद बताकर मेरे घावों को भर दिया है। मुझे सत्ता की चाहत नहीं है।
फिर से खुद को सीएम प्रोजेक्ट करेंगे हरदा
हरीश रावत ने जनता का आह्रवान करते हुए कहा है कि उत्तराखंडियत की विजय के लिए सबको कांग्रेस के साथ खड़ा होना चाहिये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तीन बड़े कार्यक्रम दिये हैं। पहला कार्यक्रम सदस्यता अभियान का है। दूसरा कार्यक्रम गांव-गांव कांग्रेस, गांव से जुड़ो-गांव चलो का है और तीसरा कार्यक्रम पूर्व सैनिकों व शहीदों के सम्मान का है। हरीश रावत ने लोगों से अपील की है कि इन कार्यक्रमों के साथ जुड़कर के कांग्रेस के झंडे को थामिये तभी हरीश रावत को राज्य का मुख्यमंत्री बना पाएंगे। साफ है कि सर्वे में खुद को टॉप पर आने के बाद हरीश रावत एक बार फिर खुद को बतौर सीएम प्रोजेक्ट करने में जुट गए हैं।












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