क्या है BJP की 'घस्यारी कल्याण योजना', जिसके विरोध में खुलकर उतरी कांग्रेस
केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देहरादून में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना का किया शुभारंभ
देहरादून, 30 अक्टूबर। केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देहरादून में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना का शुभारंभ कर दिया। सरकार का दावा है कि इस योजना से पहाड़ की महिलाओं की घास और पशुचारे की समस्या दूर हो जाएगी। साथ ही जिन विपरीत परिस्थितियों में महिलाएं दूरस्थ पहाड़ों में घास के लिए परेशान रहती हैं, वो समस्या महिलाओं की दूर हो जाएगी। इस योजना के जरिए सरकार पहाड़ की महिलाओं का बोझ कम करने का दावा कर रही है। लेकिन विपक्ष ने इस योजना का विरोध शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महिलाओं का हक छीन रही है। दरअसल उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि अब गांवों में घास की दुकानें भी खोली जाएंगी। जिससे महिलाओं को घास के लिए नहीं जाना पड़ेगा। कांग्रेस इस योजना के नाम पर भी आपत्ति दर्ज करा चुकी है। कांग्रेस इसे महिलाओं का अपमान भी बता रही है।

हरीश रावत का आरोप, भाजपा को मां बहनों का पहचान का एहसास नहीं
पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि देश और दुनिया में उत्तराखंड के पुरुष की पहचान एक पराक्रमी पुरुषार्थी, आत्मा स्वाभिमानी, देशभक्त के रूप में होती हैं, मगर आप पार्टी के प्रवक्ता कहते हैं कि दिल्ली में उत्तराखंड के लोगों को घरेलू नौकर, चौकीदार ज्यादा से ज्यादा ड्राइवर के रूप में पहचाना जाता है। उनको विक्टोरिया क्रॉस से लेकर परमवीर चक्र से जुड़ी हुई हमारी पहचान का आभास नहीं है। हरीश रावत ने कहा कि अब भाजपा, महिलाओं के लिए घसियारी संबोधन पर इतरा रही है। उन्होंने कहा कि जियारानी से लेकर तीलू रौतेली तक वीरांगना के रूप में और संघर्ष की प्रतीक गौरा देवी और एवरेस्ट को सरलता से चढ़ जाने वाली बछेंद्री पाल के रूप में हमारी मां बहनों की पहचान का भाजपा को एहसास नहीं है। उन्होंने कहा कि आज कौन सा देश का ऐसा क्षेत्र है जहां उत्तराखंड की महिलाएं अपनी प्रतिभा और साहस से अपना झंडा नहीं गाड़ रही है। हरीश रावत ने कहा कि हमारी बेटियां ओलंपिक्स एवं सिविल सेवा आदि में अपनी प्रतिभा से देश व राज्य का नाम रोशन कर रही हैं। जो कि भाजपा को नहीं दिखाई दी है। इसलिए वो हमारी मां बहनों को घसियारी शब्द देना चाहती है। हरीश रावत ने कहा कि मेरी मां-बहनें एक सुगढ़ गृहणी रही हैं। मगर वो कभी भी घसियारी नहीं रही, समाज ने उनको कभी भी घसियारी शब्द संबोधन नहीं दिया और भाजपा अब घसियारी शब्द का संबोधन खोज कर अपनी पीठ ठोक रही है।
क्या है मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना
योजना का उद्देश्य उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों के पशुपालकों को पैक्ड सायलेज, सम्पूर्ण मिश्रित पशुआहार उनके घर-घर तक पहुंचाना है। इस योजना का उद्देश्य एक लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित करना है, जिनमें विशेषकर महिलायें शामिल हैं। जिनको रियायती दरों पर सायलेज ,एवं टीएमआर फीड ब्लॉक उपलब्ध करा कर चारा काटने के कार्य से मुक्त किया जाना है। सरकार का दावा है कि इस योजना से किसानों द्वारा पौष्टिक पशुचारे के उपयोग में वृद्धि होगी। पशुओं के स्वास्थ्य और दूध की पैदावार में दोहरा लाभ होगा। यह योजना सायलेज उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ लि. के द्वारा संचालित की जायेगी। प्रदेश के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि प्रदेश की महिलाओं को चारे की कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सरकार घास को भी दुकानों में उपलब्ध कराएगी। जो कि पैक्ड उपलब्ध कराएगी। धन सिंह रावत का कहना है कि सरकार सिलेंडर और राशन की तरह गांवों में घास की दुकानें खुलवाएगी।












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