Weather Alert: उत्तराखंड में 3 दिनों के लिए रेड अलर्ट, सीएम धामी ने अधिकारियों को जारी किए दिशा निर्देश
उत्तराखंड में 7 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी
देहरादून, 18 जुलाई। उत्तराखंड अगले तीन भारी गुजर सकते हैं। मौसम विभाग ने सोमवार रात से प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिसमें कहीं-कहीं भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। जिसको लेकर राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलों में बनाए गए नियंत्रण कक्ष को भी सक्रिय रहने को कहा है।

भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी
उत्तराखंड में बीते 3 दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। अधिकतर जगह चटक धूप खिलने से लोग गर्मी और उमस से परेशान नजर आ रहे हैं। लेकिन अब आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह बदलने के संकेत दे रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, सोमवार रात से प्रदेश भर में मौसम बदलेगा। तीन दिन देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 जुलाई को वेबवजह घरों से बाहर न निकलने को कहा गया है। साथ ही चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा पर निकले लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर रूकने को कहा गया है। 22 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
सरकारी सिस्टम सतर्क
प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को आपदा की चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की दृष्टि से जिओ टैगिंग के साथ तैनात जेसीबी को हर समय तैयार रखा जाए। आपदा संभावित स्थलों पर इनकी पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता होनी चाहिए। ताकि बंद रास्तों को तुरंत खोला जा सके। लोक निर्माण विभाग की ओर से विभिन्न मार्गों पर कुल 396 मशीनों (जेसीबी, पोकलेन, रोबोट ) की तैनाती की गई है। सीएम ने कहा-एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें किसी भी आपदा की स्थिति में कम से कम रेस्पोंस टाईम में बचाव व राहत कार्य के लिए पहुंचे। एनडीआरएफ की टीमें अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और झाझरा में तैनात किया है। मुख्यमंत्री ने पर्यटकों और जनसामान्य से भी अपील की है कि भारी बारिश की सम्भावना को देखते हुए नदियों एवं बरसाती नालों की तरफ न जाए। सभी गोदामों में तीन माह का अग्रिम खाद्यान्न का उपलब्ध कराया जा चुका है। सिंचाई विभाग की ओर से प्रत्येक जनपद में बाढ़ नियंत्रण कक्ष और देहरादून में केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गयी है। सिंचाई विभाग ने 23 स्थानों पर नदियां तथा 14 स्थानों पर बैराज का जलस्तर तथा डिस्चार्ज की निगरानी की जा रही है। उत्तराखण्ड जल संस्थान के द्वारा भी कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गयी है।












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