उत्तराखंड में चुनाव से ठीक पहले मुस्लिम यूनिवर्सिटी और धार्मिक तुष्टीकरण पर बवाल, जानिए क्या है मामला
मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर दिए गए कांग्रेस के उपाध्यक्ष के बयान से चुनावी माहौल गर्माया
देहरादून, 3 फरवरी। उत्तराखंड में चुनाव के दौरान मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर दिए गए कांग्रेस के उपाध्यक्ष के बयान से चुनावी माहौल गर्मा गया है। सहसपुर विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे कांग्रेस नेता अकील अहमद के एक बयान के बाद प्रदेश में तुष्टिकरण पर सियासत शुरू हो गई है। जो कि चुनाव तक बड़ा मुद्दा बना रहेगा। इस मुद्दे पर भाजपा कांग्रेस को घेरने में जुटी है। जबकि कांग्रेस इसे भाजपा की साजिश करार दे रही है।
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कांग्रेस नेता के बयान के बाद हो रही जमकर राजनीति
उत्तराखंड में चारधाम-चारकाम का नारा बुलंद कर रहे कांग्रेस के लिए एक नया मुद्दा चुनाव में परेशानी में डाल सकता है। कांग्रेस के नेता के एक बयान और पुराने मुद्दे ने कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया है। सहसपुर से कांग्रेस के प्रबल दावेदार कांग्रेस के उपाध्यक्ष अकील अहमद ने आर्येंद्र शर्मा को टिकट देने के बाद बागी होकर निर्दलीय लड़ने का ऐलान कर दिया, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेताओं के मनाने से मान गए। इस दौरान अकील अहमद ने मीडिया में बयान दिया कि उनका कांग्रेस पार्टी से जिन मुद्दों पर समझौता हुआ है, उनमें कहा है कि प्रदेश में एक मुस्लिम यूनिवर्सिटी होनी चाहिए, जिसमें मुस्लिम बच्चे पढ़ाई कर सकें और शिक्षित हो सकें। इन सभी मसलों पर प्रभारी से बात हुई है। हरीश रावत जी से बात हुई। उन्होंने भी कहा कि मैं मुख्यमंत्री बनता हूं तो सारे काम होंगे। कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद प्रदेश में राजनीति शुरू हो गई। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण किया है। धामी ने कहा कि पूर्व सरकार में जुमे की नमाज की छुट्टी तक दे दी गई। धामी ने आरोप लगाया कि अब ये चुनाव में चारधाम की बात कर रहे हैं। देवभूमि में इनका चारधाम का मतलब यही है कि उत्तराखंड में ये मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनवाएंगे। कांग्रेस ने हमेशा वोटों की राजनीति की है। इन्हें कभी प्रदेश व देश को आगे बढ़ाने की बात नहीं की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस पर प्रहार किया।
हरदा ने भाजपा पर लगाया साजिश करने का आरोप
मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर हो रही राजनीति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अकील अहमद के बयान को भाजपा को लोग सोची समझी साजिश के तहत तूल दे रहे हैं। जब हमने संस्कृति यूनिवर्सिटी बनाने की बात कही तो इस पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन किसी मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर कुछ दिया तो इसे तूल दिया जा रहा है।
नमाज की छुट्टी का एक सरकारी आदेश वायरल
उत्तराखंड में मतदान से पहले जमकर राजनीति हो रही है। इसी तरह का एक ओर मामला सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस पर तुष्टीकरण का आरोप लगाती आ रही भाजपा ने अब कांग्रेस के समय नमाज की छुट्टी के सरकारी आदेश की कॉपी जारी करने का दावा किया है। सोशल मीडिया पर जुमे की नमाज की छुट्टी का एक सरकारी आदेश वायरल हो गया। दावा किया जा रहा है कि यह पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय का बताया जा रहा है। भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने ट्वीटर पर आदेश की प्रति अटैच कर हरीश रावत से पूछा है कि अब तो प्रमाण दे दिया, आप संन्यास लेने की घोषणा कब करोगे? जुमे की नमाज पर सरकारी छुट्टी के मामले में हरीश रावत भाजपा के निशाने पर रहे हैं। बता दें कि हरीश रावत ने दावा किया था कि यदि कोई नमाज की छुट्टी का आदेश दिखा दें तो वे राजनीति से संन्यास लें लेंगे।












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