पीएम मोदी से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की मुलाकात के बाद तलाशे जा रहे सियासी मायने, जानिए क्या हुई बात
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पीएम मोदी से की मुलाकात
देहरादून, 9 सितंबर। दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद देहरादून लौटे त्रिवेंद्र सिंह रावत एक बार फिर नए आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे हैं। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत यूकेएसएसएससी पेपरलीक और विधानसभा में बैकडोर भर्ती में अब तक हुई कार्रवाई से संतुष्ट नजर आए हैं। इस बीच त्रिवेंद्र सिंह रावत के दिल्ली में हाईकमान से हुई मुलाकात के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं।

पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पीएम नरेंद्र मोदी से भी करीब 45 मिनट की मुलाकात
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की है। दावा किया जा रहा है कि ये मुलाकात करीब 45 मिनट की हुई है। ऐसे में इस मुलाकात के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। जिससे एक बार फिर सियासत गरमा गई है। सियासी हलकों में इसे त्रिवेंद्र को मिलने वाली किसी बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिल्ली में पीएम मोदी से करीब 45 मिनट की मुलाकात में उत्तराखंड से जुड़े कई अहम मु्द्दों पर अपना फीडबैक के साथ पेपरलीक और विधानसभा बैकडोर भर्ती पर अपना फीडबैक भी दिया।
भर्ती प्रक्रियाओं की जांच सही दिशा में चल रही
देहरादून लौटने पर मीडिया को दिए बयान में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यूकेएसएसएससी सहित अन्य भर्ती मामलों व विधानसभा बैकडोर भर्ती में सरकार द्वारा लिए गये निर्णयों की तारीफ की है। पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं की जांच सही दिशा में चल रही है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सही फैसले लिये हैं। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा है कि राज्य सरकार ने जिस तरह से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से हटाकर राज्य लोक सेवा आयोग से परीक्षाएं कराने का फैसला लिया है वह सराहनीय है क्योंकि युवाओं में नकारात्मकता तभी खत्म हो गई जब भर्तियों के ज्यादा अवसर मिलेंगे। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी की भी तारीफ करते हुए कहा है कि उन्होंने जिस तरह मुख्यमंत्री के निवेदन पर जांच कमेटी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी की पृष्ठभूमि जानते हैं इसलिए जांच पारदर्शी होगी और दूध का दूध पानी का पानी होगा। पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा राष्ट्रीय अध्य़क्ष जेपी नड्डा से संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई है। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनकी चारधाम यात्रा व पर्यावरण संबधी विषयों पर चर्चा हुई।
भाजपा हाईकमान यूकेएसएसएससी पेपरलीक प्रकरण और विधानसभा में बैकडोर भर्ती से खुश नहीं
भाजपा हाईकमान यूकेएसएसएससी पेपरलीक प्रकरण और विधानसभा में बैकडोर भर्ती को लेकर लगातार नजर बनाए हुए है। सूत्रों का दावा है कि हाईकमान इन प्रकरणों से खुश नहीं है और जल्द ही कोई बड़ा निर्णय ले सकती है। सबसे ज्यादा मीडिया में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल निशाने पर है। प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में स्पीकर रहते 72 लोगों को विधानसभा में नियुक्तियां दी गई। आरोप है कि भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री बनते ही प्रेमचंद अग्रवाल ने सबसे पहले इन भर्तियों की वित्तीय संबंधी फाइल को मंजूरी दी। जो कि अब भाजपा के लिए मुश्किल बन रही है। इस पूरे प्रकरण के समय सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत थे, लेकिन उन्होंने पहले ही इस पूरे प्रकरण पर स्पीकर को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में त्रिवेंद्र का हाईकमान को दिया हुआ फीडबैक अहम माना जा रहा है। त्रिवेंद्र खेमा बीते समय में यूकेएसएसएससी पेपरलीक प्रकरण में हाकम सिंह प्रकरण को लेकर भाजपा के दूसरे नेताओं से नाराज नजर आ रहा है। हाकम सिंह प्रकरण में सोशल मीडिया में कई बार त्रिवेंद्र का नाम जोड़ा गया। जिसको लेकर त्रिवेंद्र रावत ने खुलकर नाराजगी जताई। वे इस पूरे प्रकरण पर कई बार अपना पक्ष रख चुके हैं। ऐसे में अब माना जा रहा है, विधानसभा में बैकडोर भर्ती प्रकरण पर त्रिवेंद्र खेमा एक बार फिर एक्टिव हो गया है।












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