पिथौरागढ़ में युवक ने सेल्फ डिफेंस में तेंदुए को मारा, वन विभाग की टीम ने किया अंतिम संस्कार
देहरादून, सितंबर 01। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 39 साल का युवक तेंदुए से भिड़ गया और इतना ही नहीं उसने तेंदुए को मार भी दिया। दरअसल, ये पूरा मामला जिले के नैनी-सैनी गांव का है। यहां पास के जंगलों में बकरियों को चरा रहे नरेश सिंह सामंत ने तेंदुए से अपनी बकरियों को बचाया। इस मुठभेड़ में उन्होंने तेंदुए पर दरांती से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिर उन्होंने खुद वन विभाग की टीम को इसकी जानकारी दी।

'मैं तेंदुए पर हमला नहीं करता तो मैं जिंदा नहीं होता'
नरेश सिंह ने इस घटना के बारे में बताया कि जब वो बकरियों को चराने जंगल गए थे तो एक तेंदुए ने उनके बकरियों पर हमला कर दिया। इस दौरान मैंने बकरियों को बचाने के लिए तेंदुए पर दरांती से हमला कर दिया और उस तेंदुए की मौके पर ही मौत हो गई। नरेश ने बताया कि अगर मैं सेल्फ डिफेंस में ये कदम नहीं उठाता तो आज मैं जिंदा नहीं होता। नरेश ने बताया कि तेंदुआ अचानक से झाड़ियों में से निकलकर आया और बकरियों पर झपट पड़ा, मैंने तुरंत शोर मचाकर उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन तेंदुआ बकरियों को छोड़कर मेरी तरफ कूद पड़ा, तभी मैंने उस पर हमला कर दिया।
बचपन से इसी तरह बकरियां चरा रहे हैं नरेश
नरेश ने बताया कि उसने जब तेंदुए पर हमला किया तो वो मौके से भाग निकला, लेकिन कुछ दूर जाकर वो बेहोश हो गया। बाद में देखा तो वो मर चुका था। नरेश ने बताया कि ये पहली बार हुआ है, जब तेंदुआ ऐसे अचानक बकरियों पर हमला करने आ गया। वो बचपन से इसी तरह बकरियां चराने आते हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने किया अंतिम संस्कार
नरेश ने बताया कि जब उन्होंने वन अधिकारियों को सूचित किया तो तुरंत मौके पर पहुंच गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने तेंदुए के शव को कब्जे में ले लिया है। मारा गया तेंदुआ मादा थी। वन विभाग के अधिकारियों ने बाद में तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।












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