Uttarakhand news: गैरसेंण मानसून सत्र के पहले दिन बना इतिहास, पूरी रात सदन के अंदर विपक्ष का धरना, जानिए क्यों
Uttarakhand news: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मानूसन सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस ने कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की मांग की। मांग स्वीकार नहीं हुई तो विपक्ष ने रातभर सदन में गुजारी।
इस बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी और स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण ने भी नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह से धरना स्थगित करने का अनुरोध किया, लेकिन कांग्रेसी विधायक रात भर सदन के अंदर डटे रहे। उत्तराखंड विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब पूरी रात विपक्ष के विधायक सदन के अंदर ही धरने पर रहे।

रात में विधायक कम्बल, रजाई और गद्दे लेकर सदन के अंदर आराम करते हुए नजर आए। इसके वीडियो भी कांग्रेसी विधायकों ने जमकर वायरल किए और सरकारी सम्पति को नुकसान न पहुंचाने की बात की। बता दें कि सुबह जब सत्र शुरू हुआ तो कांग्रेसी विधायकों ने सचिव की मेज पलट कर तोड़फोड़ कर दी और कागज भी फाड़े। जिसको लेकर स्पीकर नाराज भी हो गई।
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बहस करना चाहती थी कांग्रेस
मंगलवार 19 अगस्त 2025 को उत्तराखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में शुरू हुआ। सत्र शुरू होते ही विपक्षी पार्टी कांग्रेस नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के साथ हुई धक्का-मुक्की और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बहस करना चाहती थी। लेकिन सरकार ने सदन को पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार चलाने की बात की। जिस पर कांग्रेस के विधायक नाराज हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई
इस कारण विधानसभा की कार्यवाही को कई बार स्थगित किया गया। शाम 4 बजे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सदन की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई। लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। जिसके बाद विपक्ष ने रात सदन में रहने का निर्णय लिया। इसमें कांग्रेस के विधायकों के साथ निर्दलीय विधायक उमेश कुमार भी नजर आए।
सीएम ने उठाए कड़े कदम
सीएम धामी ने नैनीताल तल्लीताल के धानाध्यक्ष का जिले से बाहर ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। साथ ही बेतालघाट में चुनाव के दिन हुई फायरिंग के मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी भवाली का तबादला भी जिले से बाहर करने के निर्देश दिए। सीएम ने नैनीताल और बेतालघाट दोनों की घटनाओं की विस्तृत मजिस्ट्रेट जांच कुमाऊं मंडल दीपक रावत को सौंपते हुए पंद्रह दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की।
सदन की कार्रवाई कई बार बाधित
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि नैनीताल एवं भवाली में हुई घटनाओं तथा इस दौरान दर्ज समस्त प्राथमिकी की विस्तृत जांच अब सीबीसीआईडी द्वारा की जाएगी। सीएम के इन निर्णय के बाद भी विपक्ष अब भी दूसरे दिन चर्चा की मांग कर रहा है। जिससे सदन की कार्रवाई कई बार बाधित हो रही है।












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