उत्तराखंड की धामी सरकार ने संविदा खेल प्रशिक्षकों का समझा दर्द, बढ़ाया मानदेय
उत्तराखंड की धामी सरकार ने संविदाकर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने खेल के मैदान में खिलाड़ियों के साथ कड़ी मेहनत करने वाले खेल प्रशिक्षकों मानदेय बढ़ा दिया है। खेल मंत्रालय ने खेल प्रशिक्षकों का मानदेय 10 से 25 हजार रुपये बढ़ाने का शासनदेश जारी कर दिया है।

प्रदेश सरकार ने खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में 78 से लेकर 140 प्रतिशत तक की बढोत्तरी की है। इस संबंध में उत्तराखंड सरकार के विशेष सचिव अभिनव कुमार ने आदेश भी जारी कर दिया है।
बता दें वर्ष 2014 से खेल विभाग में संविदा पर कार्यरत खेल प्रशिक्षक मानदेय बढ़ाने की लगातार मांग कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार अभी तक इन्हें महज 5 हजार रुपये प्रतिमाह उत्तराखंड सरकार द्वारा दिया जाता था। इतने कम मानदेय में इन्हें अपनी अजीविका चलाने में काफी मुश्किल हो रही थी।
15 जून 2013 को उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य की अध्यक्षता में निदेशालय में एक विभागीय समीझा बैठक हुई थी जिसमें संविदा खेल प्रशिक्षकों की ये समस्या समने आई थी। खेल मंत्री ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए खेल विभाग के अधिकारियों को खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का आदेश दिया।
इस आदेश के बाद शासन को खेल विभाग के द्वारा खेल प्रशिक्षकों का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था जिस पर तुरंत शासन ने मुहर लगाकर मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस शासनादेश के अनुसार खेल प्रशिक्षकों के मानदेया में 78 फीसदी से लेकर 140 फीसदी तक की बढोत्तरी की गई है। साथ ही ये भी गया है कि प्रशिक्षकों का ये संसोधित मानदेय अक्टूबर 2023 से लागू होगा।












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