उत्तराखंड कांग्रेस को गांव प्रवास से कुर्सी की आस, चौपाल, संवाद, स्वच्छता, सम्मान और पद यात्रा पर फोकस
उत्तराखंड कांग्रेस के सीनियर नेताओं का गांव प्रवास
देहरादून, 2 अक्टूबर। 5 साल तक राजधानी में डटे रहने वाले जनप्रतिनिधियों को चुनाव आते ही गांव की याद आने लगी है। भाजपा हो या कांग्रेस चुनाव से पहले हर दल गांव जाकर प्रवास के जरिए सत्ता की कुर्सी तक पहुंचना चाह रहे हैं। कांग्रेस ने गांधी जयंती पर दो दिन एक रात के स्पेशल प्लान पर फोकस किया है। जिसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रभारी देवेन्द्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम भी शामिल हैं। इस दौरान कांग्रेसी चौपाल, संवाद, स्वच्छता, सम्मान और पद यात्रा के जरिए अपना जनाधार बढ़ाने में जुट गए हैं।

सभी दिग्गजों ने गांवों में डाला डेरा
कांग्रेस के प्रवास कार्यक्रम में जनता की चौपाल, संवाद, स्वच्छता अभियान, सांध्य भजन कीर्तन, पद यात्रा जैसे सभी कार्यक्रम रखे गए हैं। जिससे गांव की जनता को अपने पक्ष में किया जा सके। कांग्रेस सभी 13 जिलों में अपने सीनियर नेताओं को प्रवास के लिए ले गई है। जिसमें प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव रानीखेत और पूर्व सीएम हरीश रावत कोटद्वार, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह देहरादून और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पौड़ी गढ़वाल जिलों के गांव में प्रवास कर रहे हैं। पार्टी की रणनीति के तहत छात्र, युवा और महिला चौपाल के जरिये लोगों को कांग्रेस से जोड़ने का प्रयास कर रही है। गांधी जयंती पर स्वतंत्रता सेनानियों, राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। कांग्रेस प्रदेश के 670 न्याय पंचायतों पर इस प्रवास से फोकस किया जा रहा है। हरीश रावत ने हर माह प्रवास करने की भी बात की है। साफ है कि चुनाव तक नेताओं का अब गांवों में प्रवास जारी रहेगा। लेकिन राजनैतिक दलों को प्रवास से जो कुर्सी की आस है वो पूरी होगी कि नहीं इसके लिए अभी इंतजार करना होगा।
भाजपा का 70 विधानसभा क्षेत्रों में प्रबुद्ध सम्मेलन
भाजपा ने भी कांग्रेस का जबाव देने के लिए सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में प्रबुद्ध सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया हैा साथ ही शक्ति केंद्र स्तर पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन और बूथ स्तर तक वाल पेंटिंग का कार्य किया जाएगा। 20 अक्टूबर तक प्रबुद्ध सम्मेलन होंगे। एक से 30 अक्टूबर तक बूथ स्तर पर वाल पेटिंग की जाएगी, जबकि 15 से 30 अक्टूबर के बीच शक्ति केंद्र स्तर पर नुक्कड़ सभाएं होंगी। इनमें पार्टी के प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्त्ता भाग लेंगे।
हरदा की गांधीगीरी, चारधाम पर सरकार को घेरा
गांधी जयंती पर हरीश रावत ने गांधीगीरी के जरिए एक बार फिर भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कोटद्वार में प्रवास के दौरान ही चारधाम यात्रा को लेकर मौनव्रत रखकर विरोध प्रदर्शन किया। हरीश रावत ने इस दौरान भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी प्रहार किया। हरीश रावत ने सीएम को खनन प्रेमी से संबोधित करते हुए कहा कि सीएम से आग्रह करना चाहता हूं कि चारधाम यात्रा को व्यवस्थित करें। हरीश रावत ने कहा कि हाईकोर्ट के पास कार्य योजना प्रस्तुत करें, जो प्रतिबंध है केवल 800 लोग श्री केदारनाथ और 1000 लोग श्री बद्रीनाथ जी जा सकते हैं, उसको हटवाएं। आपकी कार्य योजना पर सब कुछ निर्भर है। हरीश रावत ने आगे कहा कि आपकी लापरवाही या जानबूझकर के यात्रा में रुचि नहीं लेना का परिणाम श्रद्धालुओं को और श्रद्धालुओं के साथ-साथ जिन लोगों की आजीविका जिसमें राज्य का पर्यटन, पर्यटन व्यवसायी और अर्थव्यवस्था सम्मिलित है, उनको भुगतना पड़ रहा है।












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