उत्तराखंड भाजपा में त्रिवेंद्र और कौशिक के सियासी कद को लेकर शुरू हुई कयासबाजी, जानिए क्या है अंदरूनी समीकरण
उत्तराखंड - त्रिवेंद्र सिंह और मदन कौशिक को लेकर कयासबाजी
देहरादून, 2 अगस्त। उत्तराखंड में भाजपा सगठन के अंदर फेरबदल होने के बाद अब सरकार से लेकर संगठन स्तर पर बड़े फेरबदल की संभावनाएं बढ़ गई हैं। भाजपा के अंदर सबसे बड़ा सवाल पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिेक के सियासी कद को लेकर है। आखिर इन दोनों को पार्टी में क्या जिम्मेदारी मिलने जा रही है। भाजपा के अंदरखाने इसको लेकर कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। त्रिवेंद्र को केन्द्रीय संगठन और मदन कौशिक को प्रदेश के अंदर सरकार में जिम्मेदारी देने की कयासबाजी चल रही है। हालांकि इस पर पर्दा कब उठता है, इसका जबाव अभी किसी के पास नहीं है।

सरकार से लेकर संगठन स्तर तक बदलाव के कयास लगने शुरू
महेंद्र भट्ट को प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिलने के बाद अब सरकार से लेकर संगठन स्तर तक बदलाव के कयास लगने शुरू हो गए हैं। ऐसे में पार्टी हाईकमान की हरी झंडी मिलते ही सीएम धामी कैबिनेट की खाली 3 मंत्रियों की जगह और दायित्वधारियों को स्वतंत्रता दिवस पर सौगात दे सकते हैं। लेकिन इस पर अभी पार्टी के अंदर कई तरह का संशय भी बना हुआ है। पार्टी में फिलहाल दो बड़े चेहरों को जिम्मेदारी देने की चर्चा ही सबसे ज्यादा हो रही है। जो कि कद के हिसाब से फिलहाल किसी पद पर नहीं हैं। इसमें पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का नाम है। जो कि पूर्ववर्ती सरकार में सबसे कद्दावर चेहरे रहे हैं।
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की नई राजनीतिक पारी को लेकर चर्चे
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री की कमान पुष्कर सिंह धामी को सौंपे जाने के बाद से ही पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की नई राजनीतिक पारी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा चुके हैं। पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत को राज्यसभा के भेजे जाने की चर्चा थी, लेकिन केन्द्रीय संगठन ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को केन्द्र की राजनीति में भेजने पर विचार करने के लिए और समय लेने का निर्णय लिया। अब महेंद्र भट्ट को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत के दिल्ली दौरे और हाईकमान से मुलाकात के चर्चे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि त्रिवेंद्र सिंह रावत को अब केन्द्रीय संगठन में कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है। प्रदेश की राजनीति में इस समय त्रिवेंद्र सिंह रावत ही फिलहाल रिक्त माने जा रहे हैं। जो कि ना विधायक हैं और नहीं सांसद। ऐसे में त्रिवेंद्र बिना जिम्मेदारी के ही पार्टी में आम कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं।
मदन कौशिक को धामी सरकार में जगह मिलने की संभावनाएं
अब बात मदन कौशिक की। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में मदन कौशिक सबसे पावरफुल मंत्री माने जाते थे। लेकिन त्रिवेंद्र सिंह रावत के हटते ही मदन कौशिक संगठन में आ गए। पहली बार भाजपा ने प्रयोग करते हुए तराई से प्रदेश अध्यक्ष बनाया। मदन कौशिक के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही क्षेत्रीय समीकरण साधने की मांग शुरू हुई। पुष्कर सिंह धामी के सीएम बनने के बाद गढ़वाल से प्रदेश अध्यक्ष की मांग तेज हो गई। पार्टी हाईकमान ने चुनाव तक मदन कौशिक को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी बरकरार रखी। लेकिन चुनाव खत्म होते ही फिर से भाजपा में अध्यक्ष की कुर्सी के लिए घेराबंदी शुरू हो गई। मदन कौशिक हरिद्वार जिले की हार के कारण फिर से हाईकमान की नजरों में आ गए। यही कारण रहा कि मदन कौशिक को धामी सरकार में जगह नहीं मिली। अब पार्टी हाईकमान ने मदन कौशिक की छुट्टी कर दीं। गढ़वाल से ब्राह्रमण चेहरा महेंद्र भट्ट को कमान सौंप दी। जिसके बाद मदन कौशिक को धामी सरकार में जगह मिलने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। हरिद्वार में पंचायत चुनाव को लेकर पार्टी इस फैसले पर मुहर भी लगा सकती है। हालांकि मदन कौशिक को हरिद्वार सीट से लोकसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर इस फैसले पर ब्रेक भी लगाया जा सकता है। ऐसे में सबकी निगाहें इन दोनों बड़े चेहरों के जिम्मेदारी पर टिकी हुई है।












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