Uttarakhand: दो बाघों से अकेले भिड़ गया 70 साल का बुजुर्ग, कुदाल लेकर इस तरह बचाई जान
कोटद्वार के रिखणीखाल ब्लाॅक के सेरोगाड गांव में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग पर दो बाघों ने हमला कर दिया। बुजुर्ग ने डटकर बाघों का सामना किया और कुदाल लेकर बाघों को भगा दिया। हालांकि इसमें बुजुर्ग बुरी तरह जख्मी हो गए।

उत्तराखंड में बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पौड़ी जिले में आए दिन बाघ के हमले और आतंक की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच एक हैरान करने वाला मामला कोटद्वार के रिखणीखाल ब्लाॅक के सेरोगाड गांव से सामने आया है। जहां खेतों में जा रहे एक 70 वर्षीय बुजुर्ग पर दो बाघों ने हमला कर दिया।
बुजुर्ग बुरी तरह जख्मी
बुजुर्ग ने डटकर बाघों का सामना किया और कुदाल लेकर बाघों को भगा दिया। हालांकि इसमें बुजुर्ग बुरी तरह जख्मी हो गए। लेकिन उनकी जान बच गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और मेडिकल की टीम मौके पर पहुंची और बुजुर्ग का इलाज किया।
घात लगाए बैठे दो बाघों ने हमला कर दिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटद्वार के रिखणीखाल ब्लाॅक के सेरोगाड गांव के 70 वर्षीय मनवर सिंह रावत सुबह सुबह हाथ में कुदाल लेकर खेतों में पानी लगाने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे दो बाघों ने उन पर हमला कर दिया। बुजुर्ग मनवर सिंह ने शोर मचाकर कुदाल से ही बाघों को भगाने में लगे रहे। एक बाघ तो झाड़ियों में छिप गया लेकिन दूसरा उनका पीछा करता रहा। बाद में काफी देर तक बुजुर्ग भी झाड़ियों में छिपकर अपनी जान बचाई।
बाघ के आतंक से भय का माहौल
शोर सुनकर ग्रामीण भी घटनास्थल की ओर दौड़े जिसके बाद दूसरा बाघ भी भाग निकला। इस पूरी घटना में बुजुर्ग का पांव बुरी तरह जख्मी हो गया है। लेकिन सभी लोग बुजुर्ग की इस हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं। बाघ के आतंक से इस क्षेत्र में लोगों का रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है। दिन में भी लोग डरे और सहमे रहकर अपना जरुरी काम निपटा रहे हैं।












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