अबकी बार महाराज की हनक पर वार, हरीश रावत ने किसे बताया उत्तराखंड का अपराधी?
पूर्व सीएम हरीश रावत ने बागियों पर बोला हमला, महाराज पर गंभीर आरोप
देहरादून, 18 अक्टूबर। यशपाल आर्य की घर वापसी के बाद कांग्रेस और भाजपा में पुराने कांग्रेसियों को लेकर जमकर खींचतान चल रही है। एक तरफ बागियों को अपने पाले में बताते हुए भाजपा कांग्रेस अपने-अपने दावे कर रही है, वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत बागियों पर जमकर हमलावर हैं। हरीश रावत का ये दांव बागियों की घर वापसी को रोकने का हथियार बताया जा रहा है। अब हरीश रावत ने इशारों-इशारों में सतपाल महाराज पर निशाना साधा है। हरीश रावत का कहना है कि कुछ नेता भाजपा में मुख्यमंत्री बनने के लिए गए थे। जबकि कुछ धन लोभ के लिए गए।

हरीश रावत ने बागियों पर फिर बोला हमला
उत्तराखंड में चुनाव से पहले पालाबदल का खेल जारी है। सबसे ज्यादा निगाहें भाजपा कांग्रेसियों की 2017 में चुनाव से पहले बगावत करने वालों पर टिकी हुई हैं। कांग्रेस लगातार दावा कर रही है, बागी उनके संपर्क में हैं। हालांकि बागियों की घर वापसी को लेकर हरीश रावत और दूसरा खेमा बंटा हुआ नजर आ रहा है। हरीश रावत 2016 में उनकी सरकार गिराने वालों को महापापी कहकर घर वापसी से पहले माफी मांगने की मांग कर चुके हैं। जबकि दूसरा खेमा बागियों को घर वापसी कराने के लिए हाईकमान को ही जरिया बता रहा है। ऐसे में हरीश रावत लगातार बागियों को लेकरम मोर्चा खोले हुए है। पहले हरक सिंह रावत को लेकर हरीश रावत ने जमकर प्रहार किया। और अब इशारों में सतपाल महाराज को निशाना बनाया है।
हरीश रावत का आरोप, मुख्यमंत्री बनने गए थे भाजपा में
पूर्व सीएम हरीश रावत ने फेसबुक पोस्ट कर लिखा कि 2016 में कितने लोग सरकार गिराने में सम्मिलित थे, यदि उनका विश्लेषण करिए तो कुछ लोग भाजपा में मुख्यमंत्री बनने की बड़ी संभावना लेकर के गये, क्योंकि कांग्रेस में उनको हरीश रावत जमकर के बैठा हुआ दिखाई दे रहा था। उन्हें मालूम था कि यदि कांग्रेस जीतेगी फिर हरीश रावत ही मुख्यमंत्री बनेगा तो वो मुख्यमंत्री पद की भाजपा में संभावना देखकर, क्योंकि उन्हें लगता था कि वहां कोई काबिल व्यक्ति नहीं है। इसके बाद हरीश रावत ने कहा कि कुछ लोग धन के लोभ में गये, कुछ लोग धन और दबाव में गये, जो लोग दबाव और धन दोनों में गये उनसे मेरा कोई गिला नहीं है।
महाराज पर कसा तंज
हरीश रावत का कहना है कि जो लोग उन्हें कोसते हैं, उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास के कार्य हरीश रावत के कार्यकाल में स्वीकृत हुये और बने। हरीश रावत ने तंज कसते हुए कहा कि आज उनका मतदाता उनसे कह रहा है कि महाराज ये तो सब उस काल के हैं, जब आपने दल नहीं बदला था और दल बदलने के बाद हमने आपको विकास पुरुष समझकर नवाजा, मगर महाराज विकास कहां चला गया? इस पोस्ट के जरिए हरीश रावत का कहना है कि आज दोनों प्रकार के लोगों में बेचैनी है, जिनको अपने क्षेत्र में विकास नहीं दिखाई दे रहा है, केवल सवाल उठते दिखाई दे रहे हैं और दूसरे वो लोग हैं जो मुख्यमंत्री पद की संभावना लेकर के आए थे, मगर भाजपा ने उनके लिए अंगूरों को खट्टा बना दिया। उन्होंने खांटी के भाजपाई को छांटकर के ही मुख्यमंत्री बनाया, तो आज फिर अपना पुराना डीएनए तलाश करते हुए वो कांग्रेस में आने को उत्सुक हैं। रावत ने कहा कि ऐसे लोग लोकतंत्र व उत्तराखंड के अपराधी हैं, तो आप विचार करें कि ऐसे लोगों के साथ क्या सलूक होना चाहिये?
फिर से बागियों पर बहस शुरू
इस पोस्ट से एक बार फिर बागियों की घर वापसी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कि आखिर कितने ऐसे पूर्व कांग्रेसी हैं जो पार्टी में लौटना चाह रहे हैं। इतना ही नहीं हरीश रावत के इस तंज से बागियों और हरीश रावत के बीच एक बार फिर नई सियासी जंग शुरू होनी तय है। जिसमें अब हरक के बाद महाराज भी कूद सकते हैं।












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