जिस दिन केदारनाथ जाएंगे पीएम मोदी, उसी दिन शिव का जलाभिषेक करेगी कांग्रेस, जानिए क्या है वजह
जिस दिन केदारनाथ जाएंगे पीएम मोदी, उसी दिन शिव का जलाभिषेक करेगी कांग्रेस
देहरादून, 30 अक्टूबर। चुनावी साल में भाजपा उत्तराखंड में दोबारा सत्ता पाने के लिए हर समीकरण साधने की कोशिश में जुटी है। इसके लिए भाजपा हिंदुत्व कार्ड पर भी फोकस कर रही है। भाजपा अपने हिंदुत्व कार्ड के जरिए और पीएम नरेंद्र मोदी की इमेज को चुनाव में पूरा इस्तेमाल कर रही है। पीएम मोदी के केदारनाथ पुर्ननिर्माण को लेकर दिखाई गई रुचि और केदारनाथ में आदि गुरू शंकराचार्य की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम को भाजपा भव्य रुप देने में जुटी है। इस कार्यक्रम को 87 लोकेशन पर सीधे प्रसारण से जोड़ा जा रहा है। इधर भाजपा के हिंदुत्व कार्ड का काउंटर करने के लिए पूर्व सीएम हरीश रावत लगातार रणनीति में जुटे हैं। पहले पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे से पहले केदारनाथ जाकर पुरोहितों का विश्वास जीतना और अब पीएम मोदी के कार्यक्रम के दौरान पूरे प्रदेशभर में शिवालयों में जलाभिषेक का आयोजन करना। हरीश रावत की रणनीति का हिस्सा है।

केदारनाथ के जल को लेकर जलाभिषेक करने का आह्रवान
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि हम केदारनाथ के जल और गंगाजल से राज्य के प्रत्येक जनपद में 12 शिवालयों में जलाभिषेक करें और जय जय केदारा का जो भजन गीत हमारे कार्यकाल में तैयार करवाया गया था, कैलाश खेर के माध्यम से उसको गाएं और इन अधूरे कामों को आगे बड़ा सकने की शक्ति हमें मिले उसके लिए भगवान केदारनाथ जी का स्मरण करें। हरीश रावत ने कहा कि हमारे शिवालय ही, हमारे ज्योतिर्लिंग हैं। देश के विभिन्न अंचलों पर फैले हुये ज्योतिर्लिंगों की आभा स्वत: हमारे शिवालयों में विद्यमान हो जाती है, इसलिये अपने-अपने क्षेत्र के शिवालयों को जलाभिषेक से प्रणाम कर कांग्रेसजन, शिवलिंगों को अभिभूषित करें। ऐसी मेरी कामना है।

पुर्ननिर्माण को लेकर किए सवाल खड़े
पूर्व सीएम हरीश रावत ने प्रधानमंत्री के 5 नवंबर को केदारनाथ दौरे को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हरीश रावत का कहना है कि पीएम बार-बार पधारें यह उनकी श्रद्धा का विषय है। मगर केदारनाथ के नाम पर राजनीति की मार्केटिंग का उत्तर तो देना पड़ेगा। हरीश रावत ने कहा कि भाजपा ने राजनैतिक लाभ उठाने का प्रयास तो किया, मगर उन विकास कार्यों को अंजाम नहीं दिया जो केदार पुरी की सुरक्षा और सुगमता के लिए आवश्यक हैं। सुमेरु पर्वत के नीचे के प्रखंड से लेकर चोराबाड़ी तक प्रोटेक्शन ब्लॉक्स बनाकर ग्लेशियर फटने की स्थिति में संभावित बाढ़ से सुरक्षा की एक अति महत्वपूर्ण लेयर का निर्माण नहीं हुआ जो हमारी कांग्रेस सरकार में प्रस्तावित थी। उन्होंने कहा कि न मंदाकिनी नदी से केदार पुरी का तल्ली लिंचोली तक हो रहा भू-क्षरण रोकने के प्रोजेक्ट पर काम हुआ और न भैरव मंदिर जिस पहाड़ी पर स्थित है उस पहाड़ी में हो रहे क्षरण को रोकने पर कोई काम हुआ, न गौरी कुंड के पुराने इतिहास को पुनर्स्थापित करने पर प्रस्तावित काम प्रारंभ हो पाया, भीमबली-लिंचोली-केदार पुरी रोपवे और चौमासी मोटर मार्ग का निर्माण, इन कामों की भी हमारी सरकार ने डीपीआर सम्मिट की भारत सरकार के पास मगर अभी तक डीपीआर तक मंजूर नहीं हुई। साथ ही पीएम द्वारा घोषित गरुड़ चट्टी होकर जाने वाले वैकल्पिक केदार पुरी मार्ग का निर्माण भी प्रारंभ नहीं हुआ।

हरदा का काउंटर
केदारनाथ पुर्ननिर्माण और पीएम मोदी के दौरे को लेकर कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए पूर्व सीएम हरीश रावत ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है। हरीश रावत ने सबसे पहले केदारनाथ जाकर दर्शन और पूजा अर्चना की। इसके बाद तीर्थ पुरोहितों से बातचीत कर देवस्थानम बोर्ड भंग करने का वादा किया। अब हरीश रावत ने मोदी के केदारनाथ पहुंचने के साथ ही प्रदेशभर के कांग्रेसियों को शिवालयों में जलाभिषेक करने का कार्यक्रम करने की रणनीति बनाकर काउंटर किया है। हरीश रावत की रणनीति भाजपा के हिंदुत्व कार्ड के मुद्दे पर घेरना है। जो कि कांग्रेस शुरूआत से ही करने में जुटी है। हरीश रावत ने सबसे पहले अपने चुनाव प्रचार का श्री गणेश करने का नारा दिया। जिससे हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा का चुनाव में सामना किया जा सके। अब कांग्रेस पीएम मोदी के दौरे का काउंटर किया है।












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