पहाड़ की बहादुर बेटी ममता को तीलू रौतेली पुरस्कार, 2013 की आपदा में बचाई 40 जानें, 'बिग बी 'भी बन गए थे फैन
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के भंकोली गांव की ममता रावत को मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया है। ममता ने जून 2013 की आपदा में फंसे 40 बच्चों को रेस्क्यू किया था।
उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र उत्तरकाशी के भंकोली गांव की ममता रावत को मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया है। ममता ने जून 2013 की आपदा में फंसे 40 बच्चों और कई अन्य पर्यटकों को रेस्क्यू कर पहाड़ की बहादुर बेटी होने का फर्ज निभाया। ममता के इस जज्बे को अमिताभ बच्चन भी सलाम कर चुके हैं और वे उनके फैन हो गए थे। ममता रावत से वन इंडिया हिंदी ने एक्सक्लूसिव बातचीत की है। उन्होंने कहा कि समाज के साथ ही परिवार की भी जिम्मेदारी उन पर है। वो चाहती है कि वे इसी तरह हर किसी के काम आ सके।

ममता रावत ने बताया कि कुछ अलग करने का जज्बा था कि 2011 में पर्वतारोही के सारे कोर्स किए। इसके बाद 2013 में वे 21 साल की उम्र में एनआईएम की इंस्ट्रेक्टर बनकर एक ट्रेक के साथ दयारा बुग्याल के रवाना हुई। लेकिन 16, 17 जून 2013 की आपदा उनके लिए एक बड़ा चेलेंज लेकर आई। उनके साथ 40 प्रशिक्षु थे।
जिनकी जान बचाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। रास्ते के पुल और रास्ते पूरी तरह से तबाह हो गए थे। ऐसे में 4 से 5 दिन तक उन्होंने इन बच्चों की जिदंगी को बचाकर सुरक्षित घर पहुंचवाया। इतना ही नहीं आपदा में फंसे गर्भवती और बुजुर्गों की जिदंगी बचाकर मिसाल पेश की। इस आपदा में जहां उन्होंने कई लोगों की जान बचाई, वहीं दूसरी तरफ उनके शरीर में ऐसी परेशानी होने लगी कि वे तब से पर्वतारोहण करने में मुश्किलें आ रही है। हालांकि ममता का साहस कम नहीं हुआ और वे लगातार समाज के लिए काम कर रही हैं।
ममता ने बताया कि उनके परिवार में दो भाई व दो बहन हैं। जब वह 10 साल की थी, तभी पिता का देहांत हो गया। जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी बड़ी बहन पर आ गई। बड़ी बहन की शादी हुई तो ममता पर पूरे परिवार को चलाने की जिम्मेदारी आ गई। घर के कामकाज, खेती बाड़ी के साथ ही पर्वतारोहण पर भी फोकस किया।
उनके परिवार में एक छोटे भाई की शादी होनी है। जब तक वे अपने छोटे भाई की शादी और जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर लेती, तब तक वे शादी नहीं करेंगी। ममता को कई सामाजिक संगठन और कई प्रतिष्ठित संस्थान सम्मानित कर चुके हैं। प्रदेश स्तर के सबसे बड़े अवॉर्ड पाकर वे काफी खुश नजर आ रही हैं।
लगान फेम निर्माता निर्देशक आशुतोष गोवारीकर ने 'एवरेस्ट' सीरियल में मुख्य अभिनेत्री के जोखिम भरे दृश्यों में ममता को बॉडी डबल के तौर पर काम दिया था। स्टार प्लस पर 'आज की रात है जिंदगी' सीरियल में स्वयं अमिताभ बच्चन ने उसकी हिम्मत, हौसले और जज्बे को सलाम किया।












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