जानिए कौन हैं रुद्रप्रयाग के अतुल कुमार, केदारनाथ यात्रा में चलाए घोड़े-खच्चर, अब IIT से करेंगे गणित की पढ़ाई
Success story: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के छोटे से गांव बीरों-देवल के अतुल कुमार ने आर्थिक तंगी के चलते आठवीं कक्षा से केदारनाथ यात्रा के दौरान घोड़े-खच्चर चलाकर परिवार और अपनी पढ़ाई का खर्च उठाया। इस बीच कड़ी मेहनत के दम पर अतुल का IIT JAM 2025 में 649वीं रैंक लाकर आईआईटी के लिए चयन हो गया है।
अतुल IIT मद्रास में एमएससी गणित की पढ़ाई करेंगे। जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। अतुल कुमार की सक्सेस स्टोरी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है। अतुल कुमार की कहानी हजारों लाखों उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो कि सारे संसाधन होने के बाद भी सफलता हासिल नहीं कर पा रहे हैं।

उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन हालातों में भी बड़े सपने देखते हैं। अतुल का जज्बा सिखाता है कि मेहनत और लगन से कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। हर युवा छात्र का सपना होता है कि उसे भारत के पहले संस्थान में दाखिला हो। अतुल कुमार का चयन आईआईटी मद्रास में एमएससी गणित के लिए हुआ है। लेकिन उनका संघर्ष बहुत मुश्किलों भरा रहा है।
रुद्रप्रयाग के बीरों-देवल गांव के साधारण परिवार में जन्म
रुद्रप्रयाग के बीरों-देवल गांव के साधारण परिवार में जन्में अतुल के लिए पढ़ाई लिखाई आसान नहीं थी। लेकिन आर्थिक तंगी के बावजूद अतुल ने हार नहीं मानी। अतुल ने कक्षा 6 से 12 तक की पढाई जीआईसी बसुकेदार से प्रथम श्रेणी में पूरी की।
आठवीं कक्षा से खच्चर चलाकर खर्च उठाया
इसके बाद हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय में बीएससी गणित में दाखिला लिया, जहां पांच सेमेस्टर में 80% से अधिक अंक हासिल किए। आठवीं कक्षा से वे केदारनाथ यात्रा के दौरान खच्चर चलाकर परिवार और पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। इस बीच उन्होंने अच्छे संस्थान में दाखिला लेने का सपना भी देखा।
IIT JAM 2025 में 649वीं रैंक
पढ़ाई और काम में मेहनत के बावजूद अतुल ने IIT JAM 2025 में 649वीं रैंक प्राप्त की। अब उनका चयन IIT मद्रास में एमएससी गणित के लिए हुआ है। अतुल अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हैं। अतुल की सफलता पूरा गांव, पूरा क्षेत्र और उत्तराखंड के लोगों को गर्व है। सोशल मीडिया में हर कोई अतुल की जमकर तारीफ कर रहे हैं।












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