अंडरवर्ड डॉन छोटा राजन के करीबी को STF ने भारत-नेपाल बॉर्डर से दबोचा, इस चर्चित मामले में पैरोल से था फरार
उत्तराखंड एसटीएफ को एक ओर बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की टीम ने अंडरवर्ड डॉन छोटा राजन के करीबी को भारत-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। मुंबई के मशहूर खोजी पत्रकार जे.डे की हत्या में हुई उम्रकैद का सजायाफ्ता शातिर यह इनामी अपराधी अपनी पैरोल से फरार हुआ था, जिसकी काफी समय से कई एजेंसियों को तलाश थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के निर्देश पर इनामी अपराधियों के विरुद्ध "ऑपरेशन प्रहार" चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सुबह सीओ एसटीएफ सुमित पांडे की टीम ने हल्द्वानी थाने के 25 हजार रुपए के ईनामी गैंगस्टर दीपक सिसौदिया को भारत-नेपाल बॉर्डर में बनबसा से गिरफ्तार किया गया।
अपराधी दीपक सिसौदिया पैरोल से फरार हो गया जिस पर मुंबई पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध थाना हल्द्वानी में एक मुकदमा दर्ज करवाया गया था, जिस पर एसएसपी नैनीताल ने 25 हजार रु. का ईनाम घोषित किया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि छोटा राजन गैंग से ताल्लुख रखने वाला इनामी अपराधी दीपक सिसोदिया की गिरफ्तारी के लिए उत्तराखण्ड पिछले एक साल से प्रयास कर रही थी, लेकिन दीपक सिसोदिया के नेपाल में छिपे होने के कारण उसकी गिरफ्तारी सम्भव नही हो पा रही थी।
इस बीच एसटीएफ को ऐसी गोपनीय सूचनाएं मिल रही थी कि दीपक चोरी-छिपे हल्द्वानी आता है, जिस पर टीम काम कर रही थी कल देर रात्रि टीम को सूचना मिली कि दीपक सुबह- सुबह आने वाला है इस पर टीम को बनबसा क्षेत्र में लगाया गया था सटीक मुखबिरी के अनुसार दीपक कार फोर्ड फियेस्टा से नेपाल से बनबसा पहुंचा जिसे टीम ने बनबसा रेलवे स्टेशन के पास से धर दबोचा।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल के मुताबिक, दीपक सिसोदिया को मुंबई की कोर्ट ने महाराष्ट्र के मशहूर खोजी पत्रकार जेडे की हत्या शामिल होने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनायी थी, तब से वह महाराष्ट्र की अमरावती सेन्ट्रल जेल में बन्द था। जनवरी 2022 को उसे 45 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था उसे पैरोल की अवधि मार्च में खत्म होने पर अमरावती जेल वापस जाना था लेकिन वह फरार हो गया।
दीपक सिसोदिया हल्द्वानी का रहने वाला है और वह जून 2011 में मुंबई में हुए अंग्रेजी सांध्य दैनिक अखबार मिड डे के वरिष्ठ पत्रकार जेडे की हत्या में सम्मिलित होने का दोषी पाया गया था। इसने अण्डरवर्ड डॉन छोटा राजन गैंग के शूटरों साथ सम्मिलित होकर इस हत्याकांड को अंजाम दिलाया था, जिसमे यह अपराधी उम्रकैद की सजा काट रहा था।। पिछले वर्ष में पैरोल में आने के बाद वापस न जाकर नेपाल भाग गया था। तब से एसटीएफ इस अपराधी के बारे में अपनी जानकारी एकत्रित कर रही थी।












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