पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी की उत्तराखंड की आध्यात्मिक यात्रा, जानिए कैसे भाजपा साध रही एक साथ कई समीकरण
एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव और लोकसभा 2024 के चुनावों की तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड का कुमाऊं दौरा और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का केदारनाथ, बद्रीनाथ का दौरा अहम माना जा रहा है। भाजपा इन दोनों बड़े चेहरों के हिंदूओं की आस्था के प्रतीक धामों में यात्रा के जरिए एक खास संदेश देने की कोशिश में है।

भाजपा केंद्रीय नेतृत्व चुनावों में पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को मुख्य स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। जिनके हर दौरे से कई समीकरण को साधने की कोशिश की जाती है। इसी तरह की शुरूआत भाजपा ने उत्तराखंड से की है। उत्तराखंड की सियासत गढ़वाल और कुमाऊं के समीकरणों को साधने के लिए ही होती रही है। इसके साथ बद्री केदार समेत चारों धाम जहां गढ़वाल मंडल में है। तो जागेश्वर और आदि कैलाश धाम कुमाऊं में आते हैं।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 7 अक्टूबर को केदारनाथ में बाबा केदार के दर्शन के लिए जा रहे हैं। योगी रात्रि निवास भी केदारपुरी में ही करेंगे। इसके बाद योगी बद्रीनाथ धाम भी जाएंगे। इस तरह योगी आदित्यनाथ चुनाव से पहले बदरी विशाल और बाबा केदार का आशीर्वाद लेने आ रहे हैं। जो कि भाजपा और गढ़वाल के समीकरण को साधने के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को कुमाऊं के जागेश्वर धाम में पूजा अर्चना के साथ अपनी यात्रा की शुरूआत करेंगे। उसके बाद सीमांत क्षेत्र जोलिकांग जाकर वहां की आईटीबीपी चौकी में जवानों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा मोदी वहां स्थानीय ग्रामीणों के उत्पाद को देखेंगे और उनसे चर्चा भी करेंगे, साथ ही वहां से आदि कैलाश के भी दर्शन करेंगे। उसी दिन वह पिथौरागढ़ में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जहां वह सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करेंगे।
इसके बाद पीएम चंपावत स्थित मायावती आश्रम में रात्रि विश्राम करेंगे और 13 अक्तूबर को सुबह प्रस्थान करेंगे। इस तरह से पीएम मोदी एक दिन में ही कुमाऊं दौरे के जरिए तीन जिलों को भी कवर करेंगे। पीएम मोदी का ये दौरा इस लिहाज से भी खास है कि पीएम मोदी भगवान शिव के जागेश्वर धाम और कैलाश यात्रा के व्यू प्वाइंट का दर्शन करेंगे। जिसके जरिए पीएम आध्यात्म के साथ ही चुनावी शंखनाद भी करेंगे।
पीएम स्थानीय लोगों और जवानों से संवाद भी करेंगे। चंपावत स्थित मायावती आश्रम में पीएम मोदी उसी कमरे में ध्यान लगाएंगे जहां स्वामी विवेकानंद ने सालों पहले ध्यान लगाया था। पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ अपनी इन आध्यात्मिक यात्रा के जरिए हिंदूत्व का भी संदेश देंगे। जो कि लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का अहम मु्ुद्दा होगा।












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