Shivraj Singh Chouhan ने लखपति दीदी योजना की लाभार्थियों और किसानों से किया संवाद, बताया-क्या आया बदलाव
Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने दो दिन के उत्तराखंड दौरे पर ऋषिकेश में लखपति दीदी योजना की लाभार्थियों और कृषकों से संवाद किया। इससे पहले उन्होंने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों, कृषि और उद्यान विभाग द्वारा लगाए गए स्टाल्स का भी अवलोकन किया।
केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने लखपति दीदी रीना रावत से संवाद किया। रीना स्वयं सहायता समूह चलाती हैं और प्रदेश में चल रही लखपति दीदी योजना की लाभार्थी हैं। संवाद के दौरान चौहान ने उनसे पूछा कि लखपति दीदी योजना ने कैसे उनके जीवन में बदलाव लाया है।

इसके जवाब में रीना रावत ने कहा कि उनके समूह में 8 से दस महिलाएं हैं जो लखपति दीदी योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि आज वह फ़ूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हैं। पहले उन्हें उनके पति के नाम से जाना जाता था लेकिन अब वह अपने नाम और काम से जानी और पहचानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि आज उनके समूह में हर महिला दस से 15 हज़ार तक की आमदनी कर रही हैं।
हरिद्वार के प्रगतिशील किसान और मशरूम पालक मनमोहन ने केंद्रीय कृषि मंत्री से संवाद के दौरान बताया कि 2017 में उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर मशरूम उत्पादन शुरू किया और लोगों को रोज़गार भी दिया। चौहान ने मनमोहन से पूछा कि क्या आपकी आमदनी बढ़ी। इसके जवाब में किसान ने उन्हें बताया कि आमदनी तो कई गुना बढ़ी हैं।
बीते चार से पांच वर्षों में उन्होंने मशरूम उत्पादन में 12 से 15 करोड़ का व्यापार किया है। आज पूरे उत्तराखंड में वह मशरूम सप्लाई करते हैं और डोमिनोस जैसे बड़े ब्रांड्स भी उनसे व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके फार्म का नाम मामा भांजा फार्म हैं।
शिबराज चौहान ने राज्य की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि की उत्तराखंड में सवा लाख बहनें लखपति दीदी बन गई हैं। शिवराज सिंह चौहान ने ब्रांड हाउस ऑफ़ हिमालयाज के सरहाना करते हुए कहा कि उत्तराखंड में हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत कई बेहतरीन उत्पाद बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन उत्पादों की और बेहतरीन तरीके से मार्केटिंग और प्रचार प्रसार हो जाये तो ये उत्पाद पूरे विश्व में प्रसिद्ध होंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में कहा कि भारत सरकार ने इस योजना के लिए फिर से सर्वे करवाया हैं ताकि कोई भी व्यक्ति अपने आवास से वंचित न रह सके। सर्वे में ज्ञात हुआ हैं कि एक लाख 72 हज़ार लोगों के पास पक्के माकन नहीं हैं। इसके लिए आवास कि पात्रता में भी बदलाव किया गया है।
अब 15 हज़ार तक की आय वालों और दुपहिया वहान मालिकों को भी पीएम आवास योजना के अंतर्गत माकन दिए जायेंगे। छोटे किसान जिनके पास सिंचित ज़मीं ढाई एकड़ और असिंचित ज़मीं पञ्च एकड़ से कम है अब उन्हें भी पीएम आवास ओजना के अंतर्गत पक्के माकन मिलेंगे।उन्होंने कहा कि सरकार हर गाँव को पक्के सड़क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए पीएम ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है जिसमें उत्तराखंड भी शामिल है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज राज्य में 67 हजार स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाकर लगभग 5 लाख ग्रामीण परिवारों की महिलाएँ संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन बनाकर राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल पेश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा, लगभग 55 हज़ार स्वयं सहायता समूहों को 640 करोड़ रूपए से अधिक का रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हमारी सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह योजना के अंर्तगत 84 करोड़ रूपए से अधिक का सहयोग किया और ब्याज प्रतिपूर्ति के रूप में करीब 25 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई।












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