पहाड़ों में सावन का पहला सोमवार: केदारनाथ से लेकर हरिद्वार तक उमड़ी भक्तों की भीड़, भारी बारिश में उत्साह
sawan somwar: सावन के सोमवार पर शिव मंदिरों में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। भारी बारिश के बीच भी आज मंदिरों में शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है। केदारनाथ मंदिर में भी बारिश के बीच श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कांवड़ियों के साथ ही सुबह से ही भक्त बाबा केदार के दर्शनों के लिए कतार में लगे हुए हैं। भारी बारिश के बीच भक्तों का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
बता दें कि पहाड़ों में सावन का पहला सोमवार आज है। मैदानी इलाकों में पक्ष के हिसाब से जबकि पहाड़ों में हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास शुरू होने के बाद पहले सोमवार को ही सावन मास का पहला सोमवार गिना जाता है। 4 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार पड़ेगा। ऐसे में आज पहाड़ों में शिव मंदिरों में सुबह से ही भारी भीड़ जुट रही है।

सावन माह के सोमवार के अवसर पर केदारनाथ में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। कांवड़ियों के साथ ही सुबह से ही भक्त बाबा केदार के दर्शनों के लिए कतार में लगे हुए हैं। भारी बारिश के बीच भक्तों का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बारिश के बावजूद भी तड़के सुबह से ही शिव भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन के लिए मंदिर पहुंचने लगे। सुबह 4 बजे से मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस बीच पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
सावन का महीना शिवभक्तों के लिए आस्था, भक्ति और तपस्या का प्रतीक है। बागेश्वर स्थित बाबा बागनाथ मंदिर में आज सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पवित्र सरयू और गोमती नदियों के संगम में स्नान कर भोलेनाथ को गंगाजल, बेलपत्र और दूध अर्पित किया। हर तरफ 'बम बम भोले' के जयकारों की गूंज थी और भक्तगण जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध नजर आए।
इस अवसर पर विशेष रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक और श्रृंगार पूजन किया गया। पंडित कैलाश उपाध्याय ने बताया कि बाबा बागनाथ का यह मंदिर पौराणिक काल से श्रद्धा का केंद्र रहा है। मान्यता है कि स्वयं भगवान शिव ने यहां व्याघ्र रूप में तप किया था, इसलिए इन्हें व्याग्रेश्वर महादेव कहा जाता है। समय के साथ यही नाम बागनाथ और फिर पूरे क्षेत्र का नाम बागेश्वर पड़ा।
हरिद्वार के शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। हरिद्वार में भी कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। अब तक करीब ढाई करोड़ कांवड़ियां जल भरकर अपने गंतव्य को पहुंच चुके हैं।हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही शिव भक्त लाइन में लगे दिखाई दिए। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार कर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं।
सावन का महीना भगवान शिव को अति प्रिय है, कनखल भगवान महादेव का ससुराल है। भगवान शिव ने राजा दक्ष को वचन दिया था कि सावन के एक महीने वह यहीं पर वास करेंगे। इसलिए भगवान शिव सावन के एक महीने दक्ष प्रजापति मंदिर में ही वास करते हैं। देहरादून के टपकेश्वर समेत शिव मंदिरो में बारिश के बीच ही शिव भक्त पहुंच रहे हैं। हर तरफ लोग शिव भक्ति में रंगे हुए नजर आ रहे हैं। शिव मंदिरों को फुलों से भव्य तरीके से सजाया गया है।












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