उत्तराखंड कांग्रेस में मची खलबली, हरक सिंह के घर जुटे कांग्रेसी, हो सकता है बड़ा उलटफेर
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के घर जुटे कांग्रेसी दिग्गज
देहरादून, 11 जुलाई। सोमवार को उत्तराखंड कांग्रेस में सुबह से ही खलबली मची रही। सुबह सुबह 45 साल तक कांग्रेस में रहे प्रवक्ता डॉ आरपी रतूड़ी और महिला उपाध्यक्ष कमलेश रमन ने सोशल मीडिया पर पार्टी के सीनियर नेताओं की जुबानी जंग की वजह से इस्तीफा सौंप दिया। दोपहर बाद दोनों ने दिल्ली में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया से मुलाकात कर आप का दामन थाम लिया। शाम को पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह के घर पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक राजकुमार और विजयपाल सजवाण समेत कई कांग्रेसी मिलने पहुंचे।

हरक सिंह को सक्रिय करवाने के लिए जुटे कांग्रेसी
मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया में वायरल होते ही कांग्रेस के अंदर खलबली मच गई। सोशल मीडिया में कई तरह के कयासबाजी लगनी शुरू हो गई। इतना ही नहीं कांग्रेसियों के आप ज्वाइन करने की खबरें भी लगातार सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि मुलाकात के बाद नेताओं ने इसे सामान्य मुलाकात बताया। लेकिन पार्टी सूत्रों का दावा है कि हरक सिंह के सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने और कांग्रेस के अंदर चल रहे सियासी उठापटक पर लंबी चर्चा हुई है।

राजनीति का मौसम वैज्ञानिक कहा जाता है हरक को
हरक सिंह उत्तराखंड राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी माने जाते हैं। इतना ही नहीं हरक सिंह को राजनीति का मौसम वैज्ञानिक तक माना जाता रहा है। लेकिन इस बार विधासनभा चुनाव में हरक सिंह का कांग्रेस में जाने का कदम गलत माना गया। न कांग्रेस की सरकार आई और नहीं हरक सिंह विधानसभा पहुंच पाए और नहीं अपनी बहू अनुकृति गुंसाई को लैंसडोन से चुनाव जीता सके।

सक्रिय राजनीति से दूर हैं हरक
इसके बाद से हरक सिंह रावत सक्रिय राजनीति से दूर हो चुके हैं। हाल ही में देहरादून में धामी सरकार के 100 दिन के एक कार्यक्रम में हरक सिंह ने शिरकत की। हरक सिंह ने इस कार्यक्रम में राजनीति की चर्चा से दूर होने की बात रखी। उन्होंने बताया कि वे सहसपुर में आर्गेनिक खेती कर रहे हैं। इसके बाद से हरक सिंह को राजनीति में वापसी को लेकर प्रीतम सिंह खेमा सक्रिय हुआ है।

प्रीतम और हरदा के बीच जमकर चल रही गुटबाजी
कांग्रेस के अंदर हरीश रावत और प्रीतम सिंह दोनों खेमे एक दूसरे के खिलाफ खुलकर सियासी जंग लड़ रहे हैं। प्रीतम सिंह खुलकर मीडिया में हरदा के खिलाफ मोर्चा खोले रहते हैं तो हरदा सोशल मीडिया के जरिए जबाव देने से नहीं चूक रहे। विधानसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद से ही हरीश रावत और प्रीतम सिंह खुलकर एक दूसरे के खिलाफ बगावती तेवर दिखा रहे हैं। हार के बाद से प्रीतम सिंह खेमा ज्यादा हावी नजर आ रहा है। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के बनने के बाद से कांग्रेस के अंदर प्रीतम खेमा खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। राजनीति के जानकारों का मानना है कि अब ऐसे में प्रीतम सिंह खेमा प्रेशर पॉलिटिक्स के जरिए हाईकमान पर दोबारा दबाव बनाने की कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए प्रीतम खेमे को हरक सिंह का साथ चाहिए। हरक सिंह हरीश रावत के पुराने प्रतिद्वंदी रहे हैं। हरीश रावत ने हरक सिंह को ही 2016 की बगावत का दोषी माना था। इतना ही नहीं कांग्रेस में वापसी के लिए हरक सिंह से माफीनामा तक भरवाने की बात सामने आई थी। अब ऐसे में हरक सिंह को साथ लाकर प्रीतम खेमा अपना मजबूत स्तंभ बनाने की कोशिश में जुटा है।

आप को मिल सकती है नई संजीवनी
उत्तराखंड में कांग्रेस के नेताओं का आम आदमी पार्टी की तरफ झुकाव को एक नए बदलाव से जोड़ा जा रहा है। लंबे समय तक कांग्रेस के संगठन को चलाने वाले जोत सिंह बिष्ट का आप को ज्वाइन करना और संयोजक समन्वय की जिम्मेदारी संभालना एक बड़ा कदम माना गया। अब 45 साल तक कांग्रेस में रहे प्रवक्ता आरपी रतूड़ी और कमलेश रमन का आप को ज्वाइन करना। कांग्रेसियों के लिए एक नया विकल्प माना जा रहा है। कांग्रेस के कई सीनियर नेता इस बात को अंदरखाने स्वीकार कर रहे हैं। आप को उत्तराखंड में मजबूत विकल्प बनाने के लिए पुराने कांग्रेसियों को पार्टी ज्वाइन कराकर एक बड़ा दांव चल सकती है। इसके लिए हरक सिंह रावत जैसे राजनीति के बड़े खिलाड़ी अगर कोई बड़ा खेल खेले तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।












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