Rishikesh-Karnprayag Rail Line: देश की सबसे लंबी दोहरी रेल सुरंग का निर्माण पूरा, जानिए अब कितना काम बचा
Rishikesh-Karnprayag Rail Line: उत्तराखंड में निर्माणाधीन 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन को लेकर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। रेल प्रोजेक्ट के तहत देवप्रयाग से जनासू के बीच 14.58 किलोमीटर लंबी दोहरी रेल सुरंग का निर्माण पूरा कर लिया है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से उत्तराखंड के पांच जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस योजना के बन जाने से यात्रा 7-8 घंटे से घटकर 2 घंटे की रह जाएगी।देवप्रयाग से जनासू के बीच 14.58 किलोमीटर लंबी दोहरी रेल सुरंग का निर्माण पूरा होने के बाद अब यह सुरंग अब देश की सबसे लंबी रेल सुरंग बन गई है।

रेल सुरंग बोरिंग मशीन शिव और शक्ति की मदद से रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। टीबीएम शिव ने 820 दिनों में सुरंग का काम पूरा किया, जबकि टीबीएम शक्ति ने 851 दिनों में पहली सुरंग बनाकर 16 अप्रैल 2025 को यह उपलब्धि हासिल की थी। हाइड्रोलिक कटिंग तकनीक से लैस इन दो टीबीएम मशीनों ने 6.5 मीटर व्यास की सुरंग खोदने में सफलता हासिल कर दिखाया।
- ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में 46 में से 39 सुरंगों का काम पूरा हो चुका है।
- बाकी बची सात सुरंगों को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
- 125 किलोमीटर की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का अधिकांश हिस्सा सुरंगों के अंदर है। कुल 46 सुरंगों से ट्रेन गुजरेगी।
- मुख्य और निकासी सुरंगों की कुल लंबाई 213 किलोमीटर है। इसमें से 198 किलोमीटर सुरंगों का काम हो चुका है।
- मार्च 2026 तक सुरंगों का काम पूरा करने में जुटे हुए हैं।
- पहले दिसंबर 2025 तक सभी सुरंगों को ब्रेकथ्रू करने का लक्ष्य रखा गया था। तय अवधि में काम नहीं होने पर इसे आगे बढ़ाया गया है।
- रेल मंत्रालय की ओर से सितंबर 2011 में ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन को बनाने का जिम्मा रेल विकास निगम लिमिटेड को सौंपा गया था।
- रेल मंत्रालय की ओर से तब 4295 करोड़ की मंजूरी दी गई थी।












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