चुनावी साल में आई पुरोहितों की याद, हाईपॉवर कमेटी से डैमेज कंट्रोल की कोशिश

देहरादून, 17 अगस्त।

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सत्ताधारी बीजेपी अपनी ही सरकार के पूर्व में लिए गए विवादित फैसलों की समीक्षा करने में जुटी है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहितों के विरोध को देखते हुए हाईपॉवर कमेटी बनाने जा रही है। इस कमेटी के अध्यक्ष भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोहर कांत ध्यानी होंगे। ये कमेटी तीर्थ पुरोहितों की आपत्तियों की सुनवाई कर अपनी रिपोर्ट देगी। यही कमेटी तीर्थ पुरोहित, हक हकूकधारी, स्थानीय पंडा पुरोहितों व अन्य सभी लोगों का पक्ष सुनेगी।

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त्रिवेंद्र सरकार ने किया बोर्ड का गठन
चारधाम की व्यवस्था में बदलाव करने के उद्देश्य से बीजेपी सरकार के ही पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के कार्यकाल में चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम बनाया गया। इसके दायरे में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के अलावा कई अन्य मंदिर भी लाए गए। फिर अधिनियम के तहत चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड का गठन किया गया। इसके गठन के बाद से ही चारों धामों के तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी लगातार देवस्थानम बोर्ड का विरोध करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार पूर्वजों के अ धिकारों का छीनने का प्रयास कर रही है। जो कि कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक्ट से पहले बननी चा हिए थी कमेटी
हाईपॉवर कमेटी को लेकर गंगोत्री मंदिर के पूर्व सचिव और पंडित रविन्द्र सेमवाल का कहना है कि हमें किसी तरह की कोई कमेटी नहीं चाहिए, सरकार को चाहिए था कि वे एक्ट को पारित करने से पहले इस कमेटी को बनाते तो इसका कुछ फायदा होता। यह सरकार की आंदोलन की दिशाहीन करने की चाल है। जिसे पुरोहित किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार कि चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश है। Uttarakhand: सरकारी नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए खुशखबरी, कई विभागों ने निकाली भर्ती

क्रमिक अनशन शुरू
केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों ने देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। मंगलवार को आंदोलन कर रहे आक्रोशित तीर्थपुरोहितों ने राष्ट्रपति और प्रदेश के मुख्यमंत्री को खून से लिखा पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने कहा कि शीघ्र देवस्थानम बोर्ड को भंग किया जाए साथ ही केदारनाथ में पौराणिक काल से चली आ रही परम्पराओं के साथ छेडछाड़ बंद की जाए। पुरोहित बीते 2 माह से भी ज्यादा समय से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

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