उत्तराखंड में चुनाव परिणाम से पहले ही भाजपा के अंदर बगावत, प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व पर लग रहे गंभीर आरोप
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर लग रहे गंभीर आरोप
देहरादून, 15 फरवरी। उत्तराखंड में चुनाव परिणाम से पहले ही भाजपा के अंदर बगावती सुर देखने को मिल रहे हैं। भाजपा के एक विधायक के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर गंभीर आरोप लगाने के बाद एक फिर भाजपा के अंदर घमासान मचा हुआ है। मदन कौशिक को लेकर पहले भी कई तरह के गंभीर आरोप लग चुके हैं। इस बार विधायक ने चुनाव में उन्हें हराने का आरोप लगाया है। जिससे एक बार फिर नेतृत्व पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिसका खामियाजा पार्टी को आने वाले समय में भी देखने को मिल सकता है।

विधायक ने लगाया है चुनाव में हराने का आरोप
लक्सर विधायक संजय गुप्ता ने सोमवार की शाम को मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर उन्हें चुनाव में हराने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है। जिसको लेकर संजय गुप्ता का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में संजय गुप्ता कह रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने नामित सभासदों के जरिए उन्हें चुनाव में हराने का काम किया है। विधायक संजय गुप्ता ने प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को गद्दार बताते हुए उन्हें पार्टी से बाहर निकाले जाने की मांग तक कर डाली है। जानकारों का कहना है कि लक्सर से बसपा के टिकट पर पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद चुनाव लड़ रहे हैं, जो कि मदन कौशिक के करीबी मित्रों में से हैं।

पहाड़ विरोधी होने का भी लग चुका है आरोप
विधायक संजय गुप्ता के इन आरोपों से भाजपा को अंदरखाने बड़ी चुनौती से गुजरना पड़ सकता है। विधायक का अपने नेतृत्व को लेकर सवाल खड़ा करने से पार्टी असहज महसूस कर रही है। अभी चुनाव के परिणाम आने हैं। जिसके लिए अभी 10 मार्च का इंतजार करना है। लेकिन उससे पहले ही विधायक का इस तरह गंभीर आरोप लगाना भी कई सवाल खड़े कर रहे हैं। इससे पहले टिकट बंटवारे के बाद अल्मोड़ा विधानसभा सीट से भाजपा के प्रबल दावेदार विधायक रघुनाथ सिंह चौहान ने भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के खिलाफ जमकर हमला किया था। उन्होंने मदन कौशिक को पहाड़ विरोधी होने का आरोप लगाया था।

प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से जारी है विवाद
मदन कौशिक के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही उनको लेकर कई बार भाजपा के अंदरखाने सियासी घमासान मचता रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा में पहाड़ के प्रतिनिधित्व को लेकर भी कार्यकर्ता मांग करते आए। मदन कौशिक मैदान का चेहरा हैं। जबकि पहाड़ से प्रदेश अध्यक्ष बनाने की हमेशा से ही सियासी दलों की परिपाठी चली आ रही है। बीते दिनों मदन कौशिक के समर्थन में रैली कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी मदन कौशिक को 60 प्लस सीट आने पर मुख्यमंत्री का दावेदार बता दिया था, लेकिन सीटें कम आने पर उनको हार का ठीकरा फोड़ने की बात की थी। इसके बाद भी भाजपा में जमकर बवाल हो चुका हैं। भाजपा के लिए 2022 का चुनाव लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष पर इस तरह से अपने ही विधायक का चुनाव में विरोधियों का समर्थन करना और चुनाव में हराने का आरोप काफी गंभीर माना जा रहा है। जो कि पार्टी के लिए आने वाले दिनों में मंथन करने का विषय भी बनना तय है। मदन कौशिक और पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा गया है। लेकिन जब नेतृत्व पर ही सवाल खड़े होंगे तो पार्टी को आने वाले समय में कौन संभालेगा। ये भी सोचने का विषय बन गया है।












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