Dehradun Ramlila: टिहरी की ऐतिहासिक और आधुनिक रामलीला का आयोजन, पहली बार राम और रावण का लेजर युद्ध, ये हुआ खास
Raamlila देहरादून के टिहरी नगर में ऐतिहासिक और आधुनिक तकनीक की रामलीला का संगम देखने को मिला। पौराणिक रामलीला में रावण वध का आधुनिक प्रयोग सभी दर्शकों को पंसद आया। पहली बार लेजर तकनीक का रामलीला में प्रयोग किया गया।
तकनीक के प्रयोग से पहली बार राम-रावण में लेजर युद्ध का आयोजन हुआ। जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। साथ ही कलाकारों में रावण नरेश कुमार व राम अनिल नौटियाल ने मंचन में अपने अभिनय से जान डाल दी।

श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी द्वारा देहरादून के टिहरी नगर में प्राचीन रामलीला का आयोजन किया गया। जो कि टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित करने के संकल्प के साथ आयोजित हुई। 11 दिन तक टिहरी नगर के आजाद मैदान भव्य रामलीला आयोजित की गई।
हर दिन कुछ खास
श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून के अध्यक्ष अभिनव थापर ने बताया कि हर दिन रामलीला को एक विशेष वर्ग को समर्पित किया गया, जिसमें महिला, राज्य आंदोलनकारी, कामगार समेत हर वर्ग को जगह दी गई। रामलीला के मंच से हर दिन अलग प्रकार के वर्गों को समान्नित कर हम भगवान राम के समरसता वाले संदेश को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
1952 से टिहरी रामलीला का आयोजन
श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून द्वारा गढ़वाल की ऐतिहासिक राजधानी रामलीला 1952 से पुरानी टिहरी की रामलीला 1952 के आजाद मैदान में 2002 तक टिहरी के डूबने तक होती रही और टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में इसको 21 वर्षों बाद भव्य रूप से 2023 में पुनर्जीवित किया गया। 2023 में आयोजित भव्य रामलीला में विशेष आकर्षण के रूप में उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार लेजर शो व डिजिटल लाइव टेलीकास्ट का प्रसारण किया गया था।
पहली बार हुआ डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल
जिससे विभिन्न माध्यमों के द्वारा रामलीला मंचन को 2023 में रिकॉर्ड 10 लाख लोगो तक पहुंचने में सफलता पाई। इससे गढ़वाल के इतिहास को भव्य रूप से पुनर्जीवित करने का मौका मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए मनोरंजन से अपने इतिहास और सनातन धर्म की परंपराओं के साथ जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।












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