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धामी सरकार का पहाड़ी क्षेत्रों में ईको रिसॉर्ट पर फोकस, जानिए क्या होगा फायदा, पर्यटकों को मिलेंगी ये सुविधाएं

उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ाने और पर्यटन की संभावनाओं को तलाशने के लिए धामी सरकार लगातार पहल कर रही है। अब सरकार ने एक ओर कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए धामी सरकार ईको रिसॉर्ट पर फोकस कर रही

उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ाने और पर्यटन की संभावनाओं को तलाशने के लिए धामी सरकार लगातार पहल कर रही है। अब सरकार ने एक ओर कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए धामी सरकार ईको रिसॉर्ट पर फोकस कर रही है। जो कि पर्यटन के साथ पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी काफी खास होंगे।

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मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की बोर्ड बैठक में पहाड़ी इलाकों में कृषि भूमि पर ईको रिसॉर्ट के निर्माण को तय शर्तों के साथ मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। ईको रिसॉर्ट में ग्रीन बिल्डिंग, सामुदायिक केंद्र, योगा सेंटर व प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही योगा, पंचकर्म, आयुर्वेद के जरिए उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इससे युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा। बोर्ड बैठक में बताया गया कि ईको रिजॉर्ट पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बेहद खास होंगे। इसमें 75 फीसदी ग्रीन एरिया होगा,जबकि कंक्रीट का मामूली प्रयोग होगा। ऊर्जा की जरूरत पूरी तरह सौर ऊर्जा पर निर्भर रहेगी। इसके लिए रिजॉर्ट के चारों ओर सोलर पावर फेंसिंग लगेंगी। स्थानीय कलाकारों के हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए उन्हें मंच प्रदान किया जाएगा। रिजॉर्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर खास फोकस करेंगे।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि बोर्ड बैठक में फसाड नीति को भी कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। इसके तहत शहर में मुख्य मार्गों पर फसाड का कार्य किया जाएगा। प्राधिकरण ने इसके लिए वास्तुकला, कलाकृति एवं शिल्प के समावेश से खास डिजाइन भी तैयार किए हैं। यह ऐसे पहाड़ी डिजाइन हैं, जिनका प्रयोग भवन स्वामी कर सकेंगेे।

इन डिजाइनों का प्रयोग कर शहर में बनने वाले नए मकानों को पूरी तरह से पहाड़ी कल्चर में रंगा जाएगा। मार्गों पर बने भवनों में भूतल से लेकर ऊपरी तलों तक फसाड के तहत कार्य होगा। ढालू छतों से लेकर खिड़की, दरवाजे, रोशनदान आदि पहाड़ी कल्चर में बना सकेंगे। पहाड़ी डिजाइन में मकान बनाने वालों को एमडीडीए की ओर से एक अतिरिक्त मंजिल बनाने की अनुमति दी जाएगी।

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