पूर्व पीएम अटल बिहारी की जयंती पर धामी सरकार लगाएगी गांव में चौपाल, इस तरह मनाया जाएगा सुशासन दिवस
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 25 दिसंबर को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सभी मंत्री, विधायक,अफसरों को गांवों में जाकर चौपाल लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के तौर पर मनाए जाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 25 दिसंबर को इस दिवस पर सभी मंत्री, विधायक, अफसर गांवों में जाकर चौपाल लगाएंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस
राज्य सरकार ने देहरादून से बाहर गांव में जाकर चौपाल लगाने और कैबिनेट बैठक आयोजित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। चमोली के सीमांत गांव माणा में कैबिनेट बैठक करने का ऐलान करने के बाद अब सीएम धामी ने 25 दिसंबर को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सभी मंत्री, विधायक,अफसरों को गांवों में जाकर चौपाल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मनाए जाने वाले सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी जनपदों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया जायेगा। जिनमें मंत्रीगण एवं अन्य जन प्रतिनिधि भी प्रतिभाग करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी सुशासन दिवस पर ग्राम चौपाल में प्रतिभाग करेंगे सुशासन दिवस पर प्रदेश के सभी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रमाण पत्रों का वितरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 26 दिसम्बर को वीर बाल दिवस पर राज्य स्तर पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। उन्होंने इस दिवस पर जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित करने और सभी स्कूलों में वीर बाल दिवस मनाने के निर्देश दिए।
उत्तरायणी मेले पर प्रदेश भर में भव्य आयोजन किए जाएं
उत्तरायणी मेले, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर आयोजित होने वाले सुशासन दिवस एवं वीर बाल दिवस की तैयारियों को लेकर सीएम ने बैठक ली। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तरायणी मेले पर प्रदेश भर में भव्य आयोजन किए जाएं। यह मेला संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन को बढ़ावा देता है और प्रदेश की संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से बागेश्वर में उत्तरायणी उत्सव का मुख्य आयोजन किया जायेगा। पंच प्रयागों एवं राज्य के अन्य संगम स्थलों एवं महत्वपूर्ण घाटों पर भी उत्तरायणी के दिन सूर्य उपासना के पर्व का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी पर्व पर सौर ऊर्जा के प्रति जन जागरूकता के लिए इससे सबंधित योजनाएं लॉन्च की जाएंगी। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा संरक्षण पर निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि बागेश्वर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाए, जिसमें प्रदेश की प्रमुख हस्तियों को भी सांस्कृतिक संध्या के लिए आमंत्रित किया जाए। संगमों पर भव्य आरती की व्यवस्था की जाए और हस्तशिल्प एवं फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जाए।












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