धामी कैबिनेट ने उत्तराखंड लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली अध्यादेश को दी मंजूरी, आठ फैसलों पर मुहर
उत्तराखंड की धामी सरकार ने एक ओर सख्त फैसला लेते हुए उत्तराखंड लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली एक्ट बनाने के अध्यादेश को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब दंगे में सरकारी और निजी सम्पत्ति को होने वाले नुकसान को दंगाईयों से वसूली होगी साथ ही ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।

लोकसभा चुनाव से पहले आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। आचार संहिता लगने से पहले धामी सरकार की ये आखिरी कैबिनेट बैठक मानी जा रही है। जिसमें आठ बड़े फैसलों को हरी झंडी मिली। चर्चा के बाद उत्तराखंड लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली एक्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।
धामी सरकार ने अशासकीय विद्यालयों में भर्ती की रोक को हटा दिया है। कैबिनेट में शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी एवं आवास से संबंधित सेवा नियमावली व अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
कैबिनेट के फैसले
- एनआइटी सुमाड़ी के प्रथम चरण के निर्माण के लिए 5.335 एकड़ भूमि तकनीकी विभाग एनआईटी को देगा।
- उत्तराखंड आवास नीति संशोधन नियमावली 2024। प्रति आवास इकाई का मूल्य छह लाख है। राज्यांश में बदलाव एक के बजाय 1.5 लाख और 50 हजार विअबलिटी गैप फंडिंग(वीजीएफ) सरकार देगी।
- आवंटन की प्रक्रिया में अभी तक राजस्व, नगर निकाय व प्राधिकरण की संयुक्त टीम होती थी, लेकिन अब प्राधिकरण ही सत्यापन करेंगे। दूसरा, 6 लाख को 7 चरण में देते थे। 9 चरण में देंगे अब। 6 लाख की सीमा में ही बढ़ा है।
- अशासकीय विद्यालयों में भर्ती की रोक हटी। उच्च शिक्षा में भर्ती की जो समिति बनी है, वही माध्यमिक विद्यालयों में भी भर्ती करेगी। समिति ही तय करेगी कैसे हो भर्ती।
- उत्तराखंड भूतत्त्व एवं खनिकर्म विभाग के दो अधिकारियों के पदनाम में संशोधन।
- चार जिलों में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर के फैमिली कोर्ट्स में चाइल्ड और जनरल काउंसेलर का एक-एक पद होगा। हाईकोर्ट के आदेश पर।
- वित्त विभाग के द्वारा सहायक लेखा अधिकारी के पदों पर पदोन्नति होने वाले अधिकारियों के लिए नियमावली में बदलाव












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