उत्तराखंड में एक ही दिन में प्रियंका गांधी करेंगी कांग्रेस के लिए दो बड़ी रैली, जानिए इसके पीछे की रणनीति
प्रियंका गांधी वाड्रा 9 जनवरी को गढ़वाल में श्रीनगर और कुमाऊं में अल्मोड़ा में जनसभा को संबोधित करेंगी
देहरादून, 4 दिसंबर। उत्तराखंड में कांग्रेस ने आधी आबादी के वोट बैंक को साधने के लिए राष्ट्रीय महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा का कार्यक्रम तय कर लिया है। प्रियंका गांधी वाड्रा 9 जनवरी को गढ़वाल में श्रीनगर और कुमाऊं में अल्मोड़ा में जनसभा को संबोधित करेंगी। इसके लिए कांग्रेस ने बैठक कर तैयारियां तेज कर दी है। हालांकि रैली पर कोरोना का साया भी मंडरा रहा है। प्रियंका ने खुद को आइसोलेट भी किया है। अपने परिवार के एक सदस्य और उनके एक स्टाफ सदस्य के रविवार को कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद खुद को आइसोलेट किया। हालांकि प्रियंका गांधी की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिसको देखते हुए कांग्रेस रैली को लेकर तैयारियों में जुटी है।

गढ़वाल और कुमाऊं दोनों जगह होंगे कवर
उत्तरप्रदेश में राष्ट्रीय महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' अभियान और महिलाओं के मिल रहे समर्थन को देखते हुए कांग्रेस ने उत्तराखंड में भी प्रियंका गांधी का एक दिवसीय दौरा तय कर लिया है। राहुल गांधी के विजय सम्मान रैली को मिले समर्थन के बाद कांग्रेसी उत्साहित नजर आ रहे हैं। लेकिन राहुल की एक ही रैली होने से कुमाऊं में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को थोड़ा सा निराशा अब तक नजर आ रही थी। भाजपा की और से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गढ़वाल और कुमाऊं दोनों जगह रैली कर चुके हैं। साथ ही भाजपा के बड़े नेताओं ने भी प्रदेशभर में कई कार्यक्रम और रैलियों में शिरकत की है। ऐसे में कांग्रेस संगठन पर भी गांधी परिवार के बड़े चेहरों को उत्तराखंड में लाने का दबाव है। राहुल से ज्यादा प्रियंका गांधी की लोकप्रियता को कांग्रेस अब उत्तराखंड में भुनाना चाहती है। इसके लिए उत्तराखंड में एक ही दिन में दो रैलियां रखी गई है। इसके पीछे का दूसरा बड़ा कारण आधी आबादी को भी माना जा रहा है।
महिला समीकरण साधने की कोशिश
उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव में सभी सियासी दलों की नजर सैनिक, महिला और युवाओं पर है। इसके लिए भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपनी रणनीति पर काम करने में जुटे हैं। उत्तरप्रदेश में कांग्रेस ने महिलाओं पर फोकस किया है। जिसके लिए प्रियंका गांधी ने महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट में भागीदारी और 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' अभियान छेड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश में महिलाओं को फोकस करने के बाद उत्तराखंड में भी कांग्रेस महिलाओं के मुद्दों पर बात करने में जुटी है। जिसके बाद प्रियंका गांधी को उत्तराखंड लाने की कोशिश की जा रही थी। कांग्रेस ने इसके लिए गढ़वाल और कुमाऊं दोनों समीकरणों को साधने की कोशिश की है। इसके अलावा उत्तराखंड में करीब 79 लाख मतदाता में से करीब 41 लाख पुरुष और करीब 37 लाख महिला मतदाता हैं। जो कि करीब 47 परसेंट बैठता है। इस तरह से कांग्रेस उत्तराखंड में महिला वोटर को भी इस रैली के जरिए साधने में जुटी है। एक ही दिन में दो बड़ी रैली के जरिए कांग्रेस भाजपा को भी चुनौती देगी। जिस तरह भाजपा के सीनियर नेताओं ने उत्तराखंड में डेरा डाला हुआ है। उसका जवाब देने के लिए कांग्रेस की ये रैलियां अहम मानी जा रही है। इसके साथ ही प्रियंका गांधी की उत्तराखंड में एंट्री के पीछे कांग्रेस उनकी इमेज को प्रदेश से बाहर लाकर देश स्तर बनाने में जुटी है।












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