राष्ट्रपति चुनाव: उत्तराखंड में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग ने दे दी नई टेंशन, एक वोट से आया सियासी तूफान
उत्तराखंड में कांग्रेस विधायक ने की क्रॉस वोटिंग, मचा हड़कंप
देहरादून, 23 जुलाई। उत्तराखंड में कांग्रेस को राष्ट्रपति के चुनाव में भी जोर का झटका लगा है। उत्तराखंड में द्रौपदी मुर्मू को 51 जबकि यशवंत सिन्हा के पक्ष में 15 विधायकों ने मतदान किया है। जिससे क्रॉस वोटिंग की बात सामने आई है। इसके बाद हाईकमान इस बार मामले को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस के अंदर हाई प्रोफाइल मीटिंग का दौर शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य इस पूरे मामले की रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे।

समझिए पूरी गणित
उत्तराखंड में राष्ट्रपति चुनाव के लिए 70 विधायक और 8 सांसदों को मताधिकार का प्रयोग करने का अधिकार था। उत्तराखंड में 70 में से 67 विधायक ने ही मतदान किया था जिसमें से एक विधायक का मत अवैध हो गया। बीजेपी के चंदन राम दास वोट नहीं दे पाए और कांग्रेस से तिलकराज बेहड़ और राजेंद्र भंडारी भी मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे। अब बचे 66 वोट, इन 66 विधायकों में से द्रौपदी मुर्मू को 51 विधायकों के वोट मिले जबकि यशवंत सिन्हा के पक्ष में 15 विधायकों ने ही मतदान किया। राष्ट्रपति चुनाव में दो निर्दलीय और दो बसपा विधायकों ने पहले ही द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन दिया था। भाजपा के 46 और दो निर्दलीय, दो बसपा विधायकों को जोड़ें तो 50 वोट ही होते हैं। कांग्रेस के कुल 19 में से 2 अनुपस्थित रहे तो 17 वोट होते हैं। जबकि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के पक्ष में 15 वोट पड़े, एक वोट अवैध माना जाए तब भी एक वोट भाजपा के पक्ष में ज्यादा पड़ा है। इसके बाद से कांग्रेस में हड़कंप मचा हुआ है।
हाई प्रोफाइल बैठक, कमेटी करेगी जांच
राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस के 19 विधायकों में 15 ने ही विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के समर्थन में वोट दिया। कांग्रेस विधायक की क्रॉस वोटिंग पर हाईकमान सख्त हो गया है। जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि यह अनुशासनहीनता का मामला है और क्रॉस वोटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्रॉस वोटिंग के बाद पार्टी हाईकमान ने जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक हाई प्रोफाइल बैठक आयोजित हुई। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल, गोविंद सिंह कुंजवाल उपस्थित रहे। पूर्व सीएम हरीश रावत आनलाइन ही मीटिंग से जुड़े।
कांग्रेस में मचा घमासान
विधानसभा में मिली करारी हार के बाद से कांग्रेस के अंदर घमासान मचा हुआ है। पहले हार की समीक्षा को लेकर हंगामा और आरोप प्रत्यारोप, उसके बाद खुलकर गुटबाजी से भी कांग्रेस के अंदर आए दिन सियासी तूफान मचा हुआ है। सीनियर नेताओं के आपसी झगड़े से परेशान होकर कांग्रेस के कई बड़े नेता भी पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले भी विधायकों की नाराजगी को लेकर कई बार पार्टी फोरम में शिकायत हो चुकी है। अब राष्ट्रपति चुनाव ने एक वोट की टेंशन दे दी है। कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग से बीजेपी के नेता उत्साहित हैं। भाजपा ने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक का आभार जताया है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्रौपदी मुर्मू को जब राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया था उसी वक्त यह तय हो गया था कि विपक्ष की ओर से बड़े स्तर पर क्रॉस वोटिंग की जाएगी।












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