शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट, कल बंद होंगे केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट
उत्तराखंड। विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद करने से पहले गंगोत्री मंदिर और गंगा घाट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मां गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन पड़ाव मुखीमठ के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर मां गंगा के दर्शन करने के लिए जिले की प्रमुख देव डोलियां भी गंगोत्री धाम पहुंची। इस दौरान गंगोत्री विधायक गोपाल रावत, डीएम मयूरी दीक्षित, एसपी पंकज भट्ट सहित अन्य लोग मौजूद थे। सोमवार को भैया दूज के मौके पर केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद किए जाएंगे।

दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री धाम के कपाट हुए बंद
रविवार सुबह से विधि-विधान से पूजा अर्चना का दौर शुरू हुआ। सुबह 10:30 बजे गंगोत्री मंदिर में विशेष पूजा की गई। इसके बाद गंगा अभिषेक के साथ कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसके बाद मां गंगा की भोग मूर्ति की डोली मुखबा गांव के लिए रवाना किया गया। इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने विशेष पूजा व गंगा लहरी का पाठ किया। डोली में सवार होकर गंगा की भोगमूर्ति जैसे ही मंदिर परिसर से बाहर निकली तो पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
कल बंद होंगे केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट
बता दें, सोमवार को केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद किए जाएंगे। भैयादूज के मौके पर सुबह 5:30 बजे कपाट बंद कर दिए जाएंगे। बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली उसी दिन रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी। बाबा की चल उत्सव विग्रह डोली 18 नवंबर को पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में छह महीने की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए विराजमान हो जाएगी।












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