पुरानी पेंशन बहाली पर गर्माई राजनीति, हरीश रावत ने चला दांव तो भाजपा की और से सीएम धामी ने संभाला मोर्चा

पुरानी पेंशन बहाली पर गर्माई राजनीति, पूर्व सीएम हरीश रावत ने चला दांव तो भाजपा की और से सीएम धामी ने संभाला मोर्चा

देहरादून, 17 नवंबर। उत्तराखंड में चुनावी साल में कर्मचारियों को साधने में हर राजनीतिक दल जुट गए हैं। ऐसे में पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा भाजपा, कांग्रेस के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है। भाजपा, कांग्रेस राज्य कर्मचारियों की हितैषी बनकर अपने-अपने पक्ष में करने में जुटी है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेस की सरकार आने पर समस्या का समाधान निकालने का ऐलान किया तो सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खुद मोर्चा संभालते हुए प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजने का आश्वासन दिया है।

Politics heats up on restoration of old pension, Congresss former CM Harish Rawat played a bet, then CM Dhami took over from BJPs side

सीएम से मिले कर्मचारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आन्दोलन उत्तराखण्ड के प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से 01 अक्टूबर 2005 के बाद सरकारी सेवा में नियुक्त अधिकारी,कर्मचारी, शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल किये जाने से सम्बन्धित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी मांगों से सम्बन्धित प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भी प्रेषित किया जायेगा।

हरदा का बयान, समाधान निकालेगी कांग्रेस
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की तो कांग्रेस की और से पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपना दांव चल दिया। हरीश रावत ने ऐलान किया कि कांग्रेस राज्य में सरकार बनाती है तो एक प्रस्ताव पास कर विधानसभा से केंद्र सरकार को भेजेंगे कि आप पुरानी पेंशन की योजना को बहाल करिए, पुनः लागू करिए। दूसरा हमारा निर्णय यह है कि हम राज्य स्तर पर इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, बिना कोई संवैधानिक व्यवधान के, इसके लिए एक एक्सपर्ट्स की कमेटी बनाएंगे। जिसमें ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को सम्मिलित करेंगे। तीसरा कदम हमारा यह रहेगा कि गोल्डन कार्ड स्कीम के तहत कर्मचारियों की पेंशन में जो कटौती हो रही है, हम उसको समाप्त करेंगे और किस्तों में उस पैसे को जो उनसे कटौती किया गया है, एक पारस्परिक सहमति चार्ट बनाकर के उसको वापस करेंगे।

सरकार की बढ़ी मुश्किलें
पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने के लिए राज्य कर्मचारी आंदोलनरत हैं। 15 नवंबर को देहरादून में बड़ी रैली का आयोजन करने के बाद सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर पुरानी पेंशन को लेकर उचित कार्रवाई की मांग भी की। इधर पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर सेवानिवृत्त हो चुके या हो रहे कर्मचारियों में बहुत बेचैनी है। पेंशन एक आर्थिक सुरक्षा है, सामाजिक सुरक्षा है, अपने उन कर्मचारियों के लिए जिन्होंने अपने जीवन के एक बेहतर हिस्से को जिसे भाजपा की तत्कालिक केंद्र सरकार ने छीन लिया है। भाजपा के प्रेम में कर्मचारी संगठन भी सशक्त विरोध नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेस ने उस समय भी अपनी आपत्ति जताई थी। हम आज भी महसूस करते हैं कि पुरानी पेंशन योजना बहाल होनी चाहिए, फिर से लागू होनी चाहिए। लेकिन यह प्रश्न अखिल भारतीय है, इस पर निर्णय केंद्र सरकार को ही लेना होगा और सभी राज्यों को केंद्र और राज्य के पारस्परिक सहयोग के बिना यह योजना पुनः लागू करना कठिन है। मगर केंद्र सरकार इस दिशा में कुछ पहल करती हुई दिखाई नहीं दे रही है। हमने तय किया है कि हमारे कर्मचारी भाई जो लोग इस मुहिम को चला रहे हैं, हम उनके साथ खड़े रहेंगे।

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