PM Modi uttarakhand visit:3400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात, सीएम धामी की इस बात पर भी लगाई मुहर

उत्तराखंड को 3400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात

PM Modi uttarakhand visit प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को 3400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी। पीएम ने गौरीकुंड.केदारनाथ और गोविंदघाट.हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी, साथ ही हर मौसम में सीमा सड़क संपर्क बढ़ाने के लिए दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी है।

माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सीमा पर स्थित उत्तराखण्ड के माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में 3400 करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं सहित दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं ,माणा से माणा पास,एनएच . 07 और जोशीमठ से मलारी, एनएच 107बी शामिल हैं।

कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें

कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें

प्रधानमंत्री ने माणा गांव के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किये गये स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि माताओं व बहनों ने बहुत अच्छा काम किया है। पैकेजिंग वगैरह में मन प्रसन्न हो गया। प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इन सारे क्षेत्रों में इतनी रोजी रोटी मिल जायेगी, आप कल्पना भी नही कर सकते।

विकास कार्यों में तेजी आई है

विकास कार्यों में तेजी आई है

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड काल में कोरोना की वैक्सीन पहाड़ों तक पहुंचाई गई। इसमें उत्तराखण्ड और हिमाचल में बेहतर काम किया गया। गरीब कल्याण योजना में उत्तराखण्ड के लाखों लोगों को लाभ मिला। डबल इंजन सरकार ने होम स्टे और स्किल डेवलपमेंट से युवाओं को जोड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को एनसीसी से जोड़ रहे हैं। विकास कार्यों में तेजी आई है।

बॉर्डर के गांवों में चहल पहल बढ़नी चाहिए

बॉर्डर के गांवों में चहल पहल बढ़नी चाहिए

पर्यटन का विस्तार हो रहा है। जल जीवन मिशन से गांवों तक नल से जल पहुंचाया जा रहा है। मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी प्रदान करने के लिये काम किया जा रहा है। सागरमाला, भारतमाला की तरह अब पर्वतमाला परियोजना पर काम होने जा रहा है। रोपवे पर बहुत बड़ा काम होने जा रहा है। बॉर्डर के गांवों में चहल पहल बढ़नी चाहिए। विकास जीवन का उत्साह होना चाहिए। जो कभी गांव छोड़कर गये है, उनका वापस लौटने का मन करे, हमें ऐसे जिंदा गांव बनाने हैं।

मेरे लिये भी सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव

मेरे लिये भी सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा माणा को भारत के अन्तिम गांव की बजाय देश का पहला गांव कहे जाने पर मुहर लगाते हुए कहा कि अब तो मेरे लिये भी सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है। पहले जिन इलाकों को देश के सीमाओं का अंत मानकर नजर अंदाज किया जाता था, हमने वहां से देश की समृद्धि का आरंभ मानकर शुरू किया। लोग माणा आएं ,यहां डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जा रहा है।

माणा की धरती के आशीर्वाद से हमें दोबारा सेवा करने का मौका मिला

माणा की धरती के आशीर्वाद से हमें दोबारा सेवा करने का मौका मिला

प्रधानमंत्री ने कहा कि माणा गांव से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृति बताते हुए कहा कि आज से 25 वर्ष पहले जब वह उत्तराखण्ड में भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते थे एक अनजाने जीवन के रूप में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे तो उस समय उनके द्वारा माणा में उत्तराखण्ड भाजपा कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी, तो मेरे कार्यकर्ता नाराज भी हुए थे इतने दूर इतनी मेहनत से जाना पड़ेगा। तब मेरे द्वारा कहा गया कि जिस दिन हमारे दिल में माणा गांव का महत्व पक्का हो जायेगा ना उस दिन उत्तराखण्ड की जनता के दिल में महत्व बन जायेगा। और उसी का परिणाम है, माणा गांव की मिट्टी की ताकत है आप सभी का आशीर्वाद है। माणा की धरती के आशीर्वाद से हमें दोबारा सेवा करने का मौका मिला है।

काम में लगे मजदूरों का ध्यान रखने का आग्रह

काम में लगे मजदूरों का ध्यान रखने का आग्रह

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के विकसित भारत के दो प्रमुख स्तंभ है, पहला अपनी विरासत पर गर्व और विकास के लिए हर संभव प्रयास। उत्तराखण्ड इन दोनो ही स्तम्भों को मजबूत कर रहा है। आज मुझे दो रोपवे के शिलान्यास का मौका मिला है। इससे केदारनाथ जी और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन करना और आसान हो जायेगा। इन रोपवे से काम करने वाले लोगों पर देश के 130 करोड़ लोगों का आर्शीवाद बरसने वाले हैं। श्रमिकों और एंव इंजीनियरों से बात करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वे भगवान का काम कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इन काम में लगे मजदूरों का ध्यान रखने का आग्रह किया।

परियोजनाओं का विवरण

परियोजनाओं का विवरण

3400 करोड़ रुपये से अधिक की रोपवे और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किया गया। जिनमें गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं भी शामिल थी। केदारनाथ रोपवे लगभग 9.7 किलोमीटर लंबा होगा। यह गौरीकुंड को केदारनाथ से जोड़ेगा, जिससे दोनों स्थानों के बीच यात्रा का समय वर्तमान में 6.7 घंटे से कम होकर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा। हेमकुंड रोपवे गोविंदघाट को हेमकुंड साहिब से जोड़ेगा। यह लगभग 12.4 किलोमीटर लंबा होगा और यात्रा समय को एक दिन से कम करके केवल 45 मिनट तक सीमित कर देगा। यह रोपवे घांघरिया को भी जोड़ेगा, जो फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश द्वार है। इन दोनों रोपवे को लगभग 2430 करोड़ रुपये की संचयी लागत से विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान करीब 1000 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं ,माणा से माणा पास, एनएच-07 और जोशीमठ से मलारी, एनएच 107बी तक सीमावर्ती क्षेत्रों में हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करने की दिशा में एक और कदम साबित होंगी।

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