Uttarakhand: स्कूल में छात्राएं कर रहीं थी अजीब व्यवहार, अभिभावकों ने कराया पूजा पाठ, अब होगी काउंसलिंग
पिथौरागढ़ के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिंठ्यूड़ा में छात्राओं के अजीबोगरीब हरकतें करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि अभिभावकों ने बच्चों को पाठ पूजा के जरिए ठीक करने की कोशिश भी की।

पिथौरागढ़ के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिंठ्यूड़ा में छात्राओं के अजीबोगरीब हरकतों से शिक्षक और अभिभावक डरे हुए हैं। बताया जा रहा है इस बीच अभिभावकों ने स्कूल में देव डांगरों के टीका लगाकर बच्चों को ठीक करने की कोशिश भी की। अब शिक्षा विभाग और मेडिकल की टीम बच्चों की काउंसलिंग भी करने में जुटी है। इसे भी मास हिस्टीरिया से जोड़ा जा रहा है। इससे पहले चंपावत और बागेश्वर में भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।
छात्राओं की काउंसलिंग की, छात्राएं सामान्य हो गईं
प्राप्त जानकारी के अनुसार लिंठ्यूड़ा में स्कूल खुलने के बाद कुछ छात्राएं कांपने लगीं और अजीब हरकतें करने लगीं। स्कूल की शिक्षिकाओं ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को इसकी सूचना दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टीम ने छात्राओं की काउंसलिंग की जिसके बाद सभी छात्राएं सामान्य हो गईं। बताया गया कि एक दिन पहले भी ऐसा ही हुआ था। तब अभिभावकों ने देव डांगरों को बुलाकर बच्चों को भभूत लगाया और अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी।
इस तरह की घटनाएं, मास हिस्टीरिया
इसके बाद बच्चे ठीक हो गए थे। लेकिन बार बार हो रही इस तरह की घटना से अभिभावक डरे हुए हैं। बता दें कि पहले चंपावत और बागेश्वर में इस तरह की घटनाएं सामने आईं जिसको मास हिस्टीरिया कहा जाता है। इसमें जब कोई बच्चा ऐसी हरकत करता है तो दूसरे बच्चे भी उसी तरह से हरकतें करने लगते हैं। ऐसे में इन बच्चों को दूसरे बच्चों से अलग कर दिया जाता है, जिससे दूसरे बच्चे इसको फॉलो न करें। अधिकतर गांवों में स्कूलों में जब इस तरह की हरकतें बच्चें करते हैं तो अभिभावक इसे भूत प्रेत की घटना मानकर देवीय शक्ति का सहारा लेते हैं। लेकिन स्कूल ऐसे बच्चों की काउंसलिंग करा रहे हैं।












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